NGT ने की गंगा एवं दूसरी जल इकाइयों में प्रदूषक तत्वों को लेकर NMCG की यह बड़ी खिंचाई

NGT ने की गंगा एवं दूसरी जल इकाइयों में प्रदूषक तत्वों को लेकर NMCG की यह बड़ी खिंचाई

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal, NGT) ने सोमवार को गंगा एवं दूसरी जल इकाइयों में प्रदूषक तत्वों का उत्सर्जन रोकने में विफल रहने पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (National Mission for Clean Ganga, NMCG) की खिंचाई की. एनजीटी ने बोला कि एनएमसीजी की रिपोर्ट में कोई अर्थपूर्ण कार्रवाई नहीं दिखाई देती.

एनजीटी ने बोला कि एनएमसीजी की रिपोर्ट में शायद ही इस बात का उल्लेख मिलता है कि जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने कोई मीटिंग की हो या फील्ड का दौरा किया हो. उसने बोला कि रिपोर्ट में कानून के क्रियान्वयन का भी कहीं उल्लेख नहीं मिलता. न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कोई कठोर कार्रवाई की बात दिखाई देती है. एनजीटी ने बोला कि क्रियान्वयन की समय-सीमा अनिश्चित रूप से लंबी है जो उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना व समस्या की मुख्य जड़ है.

एनजीटी चेयरमैन जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, 'जल कानून को 46 वर्ष पहले लागू किया गया था व निगरानी तथा क्रियान्वयन करने वाली संस्थाओं की अनदेखी के कारण अब भी प्रदूषक तत्वों का जल इकायों में निस्तारण जारी है. उच्चतम न्यायालय द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध मुकदमा चलाने और एनजीटी द्वारा प्रदूषण फैलाने वालों से जुर्माना वसूली के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है.'

एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जल शक्ति मंत्रालय सचिव को यह सुनिश्चित करने के लिए बोला कि जल निकायों में प्रदूषण का निस्तारण नहीं हो. अगर कोई आदमी या संस्था ऐसा करता पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. एनजीटी ने नदियों में प्रदूषण के संदर्भ में एनएमसीजी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर गौर करते हुए ये टिप्पणियां कीं.

वहीं एनजीटी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन कर रेत खनन होने के आरोपों से जुड़ी याचिका पर गठित समिति से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी. एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारनपुर के जिलाधिकारी व प्रदेश पर्यावरण असर आकलन प्राधिकरण के मेम्बर पर आधारित समिति से मुद्दे में 15 जुलाई से पहले रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए.