कोरोना से लड़ाई में साथ आए UK में रहने वाले भारतीय

कोरोना से लड़ाई में साथ आए UK में रहने वाले भारतीय

लखनऊ: वतन से दूर नौजवान युवा पीढ़ी के एनआरआई अपने देश के लिए आज भी बहुत प्रेम रखते हैं। ये प्रोफेशनल भारत से दूर रह सकते हैं, लेकिन भारत इनसे दूर नहीं रह सकता। भारत आज एक बड़ी भयंकर महामारी के संकट से दिन-रात जूझ रहा है। इसके प्रकोप से कई लोग अपनी जान गंवा चुके है। जिसको देखते हुए इन भारतीय प्रवासियों ने मदद का कदम बढ़ाने का फैसला किया। इनको ये भी पता था कि एक टूटी हुई स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को रातोंरात इतनी जल्दी नहीं बनाया जा सकता है।

अजीत पांडे (इंग्लैंड), सत्यम सिंह (नीदरलैंड) जैसे कुछ युवा प्रोफेशनल ने इस दर्द ऑर पीढ़ा को समझा कि आज भारत में रोगी और स्वास्थ्य सेवा की सबसे बड़ी जरूरत ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर की है और इसकी उपलब्धता से कई स्तरों पर जीवन को बचाया जा सकता है।


भारतीय सवर्ण संघ के राष्ट्रीय महासचिव, साधु तिवारी ने बताया कि संघ के आवाहन पर ये टीम अपने देशवासियों की मदद के लिए तुरंत ही तैयार हो गई और 160 में 200 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर खरीदने के असम्भव से लक्ष्य के साथ अपने जाननेवालों का एक हेल्प एंड फंडिंग पेज बनाया। इस टीम को लगा कि वो इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते हैं, लेकिन उनके आश्चर्य की सीमा नहीं रही। उक्त लक्ष्य पहले 12 घंटे में हासिल कर लिया गया।


लंदन से विडियो कॉल पर अजित पांडे ने बताया कि लगभग 10,000 हजार लोगों ने हमारी इस मुहीम में आगे आकर मदद कि जिसमें बड़ी संख्या में इंडियन के साथ कई ब्रिटिश नेशनल भी शामिल हुए। इस टीम की पहल और प्रयास से अनेक प्रवासी भारतीय युवा जुड़े, जिससे 500 कन्सन्ट्रेटर आ गए। सब मिला कर इस टीम ने करीब 5 करोड़ की कीमत का 800 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर की खरीद की ओर इस उम्मीद के साथ कि उनका यह प्रयास और योगदान अपने देश के कुछ लोगो का जीवन तो बचा ही सकता है, और ये सारा जरूरी समान 07 दिनो के अंदर भारत भेजने में कामयाब रही।


खत्म होने लगा है महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप, 74 दिनों बाद देश में सबसे कम सक्रिय मामले

खत्म होने लगा है महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप, 74 दिनों बाद देश में सबसे कम सक्रिय मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह देश भर में कोविड-19 के आंकड़ों को जारी किया गया। इसके अनुसार भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान 60,753 नए मामले सामने आए और 1,647 संक्रमितों की मौत हो गई।  स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 74 दिनों बाद सबसे कम हैं। रिकवरी रेट बढ़कर 96.16 फीसद हो गया है और दैनिक पॉजिटिविटी रेट 2.98 फीसद है।

कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा- 27,23,88,783

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 33,00,085 वैक्सीन लगाई गईं। इसके अलावा 97,743 लोग संक्रमण से स्वस्थ हुए। देश में महामारी से बचाव के लिए 16 जनवरी को वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी। इसके तहत अब तक 27,23,88,783 खुराकें दी जा चुकी हैं।


2,86,78,390 लोग दे चुके कोरोना को मात

अब तक देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2,98,23,546 है और मरने वालों की संख्या 3,85,137 है। सक्रिय मामलों की बात करें तो फिलहाल यहां 7,60,019 लोग संक्रमण से जूझ रहे हैं और 2,86,78,390 लोग अब तक कोरोना को मात दे चुके हैं। 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 19,02,009 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 38,92,07,637 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।


महामारी का वैश्विक  प्रकोप 

2019 के अंत में चीन के वुहान में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। इसके बाद से अब तक पूरी दुनिया में महामारी बने इस संक्रमण ने 177,753,055 लोगों को अपने चपेट में ले लिया और 3,849,115 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। महामारी की शुरुआत से ही दुनिया के तमाम देशों में सबसे अधिक अमेरिका के हालात खराब रहे। यहां अब तक कुल 33,519,262 लोग संक्रमित हुए और 601,281 लोगों की मौत हो चुकी है।