बाढ़ की स्थिति जानने के लिए नरेंद्र मोदी ने की छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक औनलाइन मीटिंग, पढ़े

 बाढ़ की स्थिति जानने के लिए नरेंद्र मोदी ने की  छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक औनलाइन मीटिंग, पढ़े

देश के कई प्रदेश इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक औनलाइन मीटिंग की. 

इस मीटिंग में उन्होंने पूर्वानुमान व चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया.

पीएम ऑफिस (पीएमओ) ने बताया कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून व बाढ़ की वर्तमान स्थिति से निपटने के वास्ते तैयारियों की समीक्षा के लिए असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक व केरल मीटिंग में शामिल हुए. मीटिंग में बाढ़ के संकट को रोकने के लिए विस्तार से चर्चा की गई. पीएमओ ने एक बयान में बताया कि मीटिंग के दौरान पीएम ने बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए एक स्थायी प्रणाली के लिए सभी केंद्रीय व प्रदेश एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया. पीएम ने बाढ़ के पूर्वानुमान व चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन तकनीकों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया. 

पूर्व चेतावनी प्रणाली में निवेश बढ़ाए जाने पर जोर दिया

पीएमओ के बयान के अनुसार मीटिंग में पीएम मोदी ने लोकल स्तर पर पूर्व चेतावनी प्रणाली में निवेश बढ़ाए जाने पर जोर दिया, ताकि इलाके के लोग नदी के तटबंध में दरार पड़ने, इलाके के जलमग्न होने या बिजली गिरने जैसे खतरों के मुद्दे में समय रहते आगाह हो सकें.

पीएम ने इस बात पर भी बल दिया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्यों द्वारा लोगों को राहत व बचाव कोशिशों के दौरान मास्क पहनने, हाथ स्वच्छ रखने व एक दूसरे से पर्याप्त दूरी रखने जैसे स्वास्थ्य संबंधी सभी सावधानी ों का पालन अवश्य सुनिश्चित कराना चाहिए.

प्रभावितों के लिए मास्क, सैनिटाइजर का हो प्रावधान

उन्होंने बोला कि राहत सामग्री में हाथ धोने व सैनिटाइज करने के लिए वस्तुओं के साथ प्रभावित लोगों के लिए मास्क के प्रावधान शामिल किए जाएं. पीएम ने बोला कि वृद्ध लोगों, गर्भवती स्त्रियों व पहले से किसी रोग से ग्रसित लोगों के लिये विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए.

करीब डेढ़ घंटे चली इस मीटिंग में जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय गृह प्रदेश मंत्री नित्यानंद राय व जी किशन रेड्डी के साथ केंद्रीय मंत्रालयों व संबद्ध संगठनों के वरिष्ठ ऑफिसर भी शामिल हुए.

नीतीश कुमार ने उठाया नेपाल से असहयोग का मुद्दा

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने मीटिंग में बाढ़ प्रबंधन में नेपाल से असहयोग का मामला उठाया. उन्होंने इस मुद्दे में केन्द्र से दखल देने की मांग की. बता दें कि  बिहार में बाढ़ से अब तक 16 जिलों में 74 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है. यहां बाढ़ से अब तक कुल 23 लोगों की मृत्यु चुकी है.