तीन फीसद से नीचे आई दैनिक संक्रमण दर कोरोना लेकिन 24 घंटे में 1,647 लोगों की मौत

तीन फीसद से नीचे आई दैनिक संक्रमण दर कोरोना लेकिन 24 घंटे में 1,647 लोगों की मौत

जी से थमती कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दैनिक संक्रमण दर तीन फीसद से भी नीचे आ गई है। साप्ताहिक संक्रमण दर भी चार फीसद से नीचे बनी हुई है। हालात लगातार सुधर रहे हैं। अब प्रतिदिन महामारी से होने वाली मौतें भी कम हुई हैं।

सक्र‍िय मामलों में लगातार गिरावट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शनिवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 दिनों से संक्रमण दर पांच फीसद से नीचे बनी हुई है और अभी यह 2.98 फीसद पर आ गई है। एक महीने में दैनिक संक्रमण दर में 10 फीसद से ज्यादा की गिरावट आई है। 18 मई को दैनिक संक्रमण दर 13.4 फीसद थी। बीते 37 दिनों से नए मामलों से ज्यादा मरीज ठीक हो रहे हैं, इसके चलते सक्रिय मामलों में भी लगातार गिरावट आ रही है।

रिकवरी रेट 96 फीसद से ऊपर


अभी सक्रिय मामले कुल संक्रमितों का 2.55 फीसद रह गए हैं। मरीजों के उबरने की दर 96 फीसद से ऊपर बनी हुई है। बीते 24 घंटे में 60 हजार से ज्यादा मरीज पाए गए हैं और 1647 मौतें हुई हैं। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 648 लोगों की मौत हुई है। तमिलनाडु में 287 और कर्नाटक में 168 लोगों की जान गई है।

शनिवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़े

नए मामले 60,753

कुल मामले 2,98,23,546

मौतें 1,647

कुल मौतें 3,85,137

सक्रिय मामले 7,60,019

ठीक हुए 97,743

कुल ठीक हुए 2,86,78,390

रिकवरी रेट बढ़ी

दैनिक संक्रमण दर 2.98 फीसद

साप्ताहिक संक्रमण दर 3.58 फीसद

ठीक होने की दर 96.16 फीसद

मृत्यु दर 1.29 फीसद


जांचें (शुक्रवार) 19,02,009

कुल जांचें 38,92,07,637

राज्यों के पास अभी 2.87 करोड़ डोज

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अभी तक कोरोना रोधी वैक्सीन की कुल 28.50 करोड़ से ज्यादा डोज दी गई हैं। इनमें से 25.63 करोड़ का इस्तेमाल हुआ है, जिसमें बर्बाद हुई डोज भी शामिल हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी 2.87 करोड़ डोज उपलब्ध हैं और अगले तीन दिन के भीतर उन्हें 52.26 लाख डोज और मिल जाएंगी। 


अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर सियासी फायदे के लिए षड्यंत्र रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘ई-रावण’ का नाम दिया. पूर्व मुख्यमंत्री ने बोला कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान कर दिया है.

ने बोला कि बीजेपी अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की किरदार में आ गई है और वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफ़वाह और असत्य फैला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता छद्म रूप में सपा समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और सपा के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं. यादव ने बोला कि मैंने अपनी पार्टी के कैडर से ऐसे छद्म लोगों से सावधान रहने और सोशल प्‍लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए बोला है. उन्हें कुछ भी साझा करने, उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के बारे में पार्टी ऑफिस को रिपोर्ट करने को बोला गया है.

सपा को निशाना बनाकर झूठी सूचना फैलाने वालों के विरूद्ध आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने पिछले सप्ताह कार्रवाई भी की. के कथित फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाकर घृणा फैलाने के मुद्दे में सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और ट्वीट के स्‍क्रीन शॉट्स भी दिये जिसमें दावा किया गया था कि प्रदेश में सपा के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा.

इस मुद्दे में 25 जुलाई को राजधानी के गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अखिलेश यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “2022 के चुनाव समीप हैं और बीजेपी के लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि वे सत्ता हथियाने के लिए असत्य बोलने और लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हैं. उनका उद्देश्य विकास सहित मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है.

अखिलेश ने कहा, “हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में धैर्य बरतने के लिए बोला है, जो संवाद और विचार जाहीर करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है. दुर्भाग्य से बीजेपी इसका दुरुपयोग कर रही है.

यादव ने बोला कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के साढ़े चार वर्ष बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी कार्य नहीं है. सपा से ही प्रदेश के लोगों को उम्‍मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी.

यादव ने कहा, “जब बीजेपी असत्य बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मामले पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?”

उन्होंने बोला कि प्रदेश में बीजेपी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकार है और स्त्रियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने बोला “पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान स्त्रियों के साथ क्या व्यवहार किया गया. कैसे बीजेपी के गुंडों ने स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि “भाजपा को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को बीजेपी के धोखे से बचाने के लिए सपा लोगों की आवाज उठा रही है.

यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सपा उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी.

रितु सिंह की कम्पलेन के आधार पर लखीमपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध केस दर्ज किया गया था और इस मुद्दे में छह पुलिसवालों को भी निलंबित कर दिया गया. दूसरी ओर बीजेपी ने बोला कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.