केरल में फिर बढ़े मामले, पूरे देश में बढ़े केसों ने बढ़ाई चिंता

केरल में फिर बढ़े मामले, पूरे देश में बढ़े केसों ने बढ़ाई चिंता

बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 30,570 नए मामले आने से अब तक संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़कर 3,33,47,325 हो गई। इन नए मामलों में 22,182 मामले अकेले केरल में दर्ज किए गए। इस दौरान देश में कोरोना से 431 लोगों की मौत भी हुई जिसमें से 182 मौतें केरल में दर्ज की गईं। गुरुवार को शाम सात बजे तक 58.26 लाख टीके लगाए गए।

देश में कोरोना के मामले 4 दिन बाद फिर बढ़ गए हैं। लगातार चौथे दिन तक कोरोना के केस में कमी देखी जा रही थी। रोजाना 30 हजार से कम मामले दर्ज किए जा रहे थे, लेकिन गुरुवार सुबह नए कोविड केस फिस 30 हजार से ज्यादा दर्ज किए गए। 

केरल में फिर बढ़े मामले

वहीं देश में अभी 50 फीसदी से ज्यादा मामले केरल से आ रहे हैं। गुरुवार सुबह कोरोना के 17,681 नए मामले केरल से सामने आए। महामारी से 208 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही कुल मामले बढ़कर 44 लाख 24 हजार 46 हो गए और मृतकों की संख्या 22,987 पर पहुंच गई। यहां संक्रमण दर 18 फीसद से ज्यादा है। वहीं गुरुवार शाम को केरल में गुरुवार शाम को 22,182 नए मामले सामने आए हैं। 26,563 लोग ठीक हो रहे हैं और 178 लोगों की मौत हुई है।

तेजी से हो रहा वैक्सीनेशन

देश में वीकली पाजिटिविटी रेट की बात करें तो यह 1.93फीसद है। पिछले 83 दिनों से ये 3 प्रतिशत से नीचे है। डेली पाजिटिविटी रेट 1.94 प्रतिशत है जो कि पिछले 17 दिनों से 3 प्रतिशत से नीचे है। पिछले 24 घंटे में 58.26 लाख लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। अब तक कुल 77.10 करोड़ वैक्सीनेशन हो चुका है।

स्पुतनिक लाइट वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी

देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई और तेज हो गई है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रूस की स्पुतनिक लाइट वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी दे दी है। बता दें कि यह सिंगल डोज वैक्सीन है जिसके बाद दूसरे डोज की जरूरत नहीं होगी। भारत में अभी जितनी भी वैक्‍सीन लगाई जा रही हैं उनकी दो डोज लगवानी पड़ती है।

देश में कोरोना की स्थिति

कोरोना/वैक्सीन मीटर (आंकड़े टैली फारमेट के लिए) ------- भारत, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

24 घंटे में नए मामले- 30,570

कुल सक्रिय मामले- 3,42,923

24 घंटे में टीकाकरण- 58.26 लाख

कुल टीकाकरण- 77.10 करोड़

गुरुवार सुबह 08:00 बजे तक कोरोना की स्थिति

नए मामले- 30,570

कुल मामले- 3,33,47,325

सक्रिय मामले- 3,42,923

मौतें (24 घंटे में)- 431

कुल मौतें- 4,43,928

ठीक होने की दर- 97.64 फीसद

मृत्यु दर- 1.33 फीसद

पाजिटिविटी दर- 1.94 फीसद

सा.पाजिटिविटी दर- 1.93 फीसद

जांचें (बुधवार)- 15,79,761

कुल जांचें- 54,77,01,729


आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के शोधकर्ता वाहनों के लिए अपनी तरह के पहले 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम' को विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो सड़क के बुनियादी ढांचे और भौगोलिक स्थिति के आधार पर चालक को वाहन की तेज गति से हो सकने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिहाज से सतर्क करेगा।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 70 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं वाहन की तेज गति के कारण होती हैं। ऐसी दुर्घटनाओं को कम से कम करने के लिए सरकार ने एक जुलाई, 2019 के बाद बिकने वाली सभी नई कारों में गति नियंत्रण उपकरण लगाना अनिवार्य कर दिया है। वाहन की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होने पर यह उपकरण चेतावनी स्वरूप बीच-बीच में बीप की आवाज करेगा और 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार होने पर बीप की आवाज लगातार होगी।


हालांकि आइआइटी गुवाहाटी और आइआइटी बंबई के शोधकर्ताओं का मानना है कि गति नियंत्रण उपकरण में उतनी बुद्धिमता नहीं है कि यह पहाड़ी क्षेत्रों, मैदानी इलाकों या रेगिस्तानी स्थानों समेत हर जगह प्रभावी रूप से काम कर सके।आइआइटी गुवाहाटी में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर अखिलेश कुमार मौर्य ने कहा, 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत है जो सड़क के ढांचे के मुताबिक गति के बारे में बता सके और तेज गति से हो सकने वाले हादसों को रोका जा सके।'