देश के अधिकतर राज्यों में पहुंचा मानसून, दिल्ली को अब भी इंतजार, जानें आज कहां बरसेंगे मेघा

देश के अधिकतर राज्यों में पहुंचा मानसून, दिल्ली को अब भी इंतजार, जानें आज कहां बरसेंगे मेघा

मानसून की रफ्तार ने एक बार फिर से गति पकड़ ली है। अब धीरे-धीरे यह उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में पहुंच रहा है। मौजूदा ताजा स्थिति में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून एक बार फिर से मजबूत होते हुए गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली को मानसूनी बरसात के लिए अभी इंतजार करना होगा। माना जा रहा है कि देश की राजधानी में मानसूनी हवाएं 27 जून तक आने की उम्मीद है।

अगले 24 घंटे में यहां होगी बारिश

भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने बताया कि गुजरात, दक्षिण राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बाकी बचे इलाकों में अगले 24 घंटे में मानसूनी बारिश होगी। वहीं अब तक मानसून बारिश से पूरा दक्षिण भीग चुका है और अब आलम यह है कि बिहार में तो बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसके अलावा देश के कई राज्यों में प्री-मानसून की बरसात हो रही है। बता दें कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने भारत के अधिकांश क्षेत्र को कवर कर लिया है। यूपी, बिहार, महाराष्‍ट्र हो या झारखंड यह पर झमाझम बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया है।


जानें-बंगाल और कर्नाटक के मौसम की ताजा स्थिति

वहीं पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के चलते अगले दो दिनों में और अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने बताया कि कि दक्षिण बंगाल में लगातार बारिश होने से अजॉय, दाराकेश्वर, ब्राह्मणी, शिलावती, सुवर्णरेखा और कंगसावती सहित कई नदियों का जल स्तर बढ़ गया है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका बढ़ गई है। वहीं कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। यहां पर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

 
उत्तराखंड के चमोली में बारिश, रास्ते हुए ब्लॉक

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मौसम लगातार बदल रहा है। यहां पर स्थित चमोली जिले में लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश और भूस्‍खलन के चलते गुलाबकोटी और कौड़‍िया में बद्रीनाथ नैशनल हाइवे ब्‍लॉक हो गया है।


अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर सियासी फायदे के लिए षड्यंत्र रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘ई-रावण’ का नाम दिया. पूर्व मुख्यमंत्री ने बोला कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान कर दिया है.

ने बोला कि बीजेपी अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की किरदार में आ गई है और वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफ़वाह और असत्य फैला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता छद्म रूप में सपा समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और सपा के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं. यादव ने बोला कि मैंने अपनी पार्टी के कैडर से ऐसे छद्म लोगों से सावधान रहने और सोशल प्‍लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए बोला है. उन्हें कुछ भी साझा करने, उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के बारे में पार्टी ऑफिस को रिपोर्ट करने को बोला गया है.

सपा को निशाना बनाकर झूठी सूचना फैलाने वालों के विरूद्ध आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने पिछले सप्ताह कार्रवाई भी की. के कथित फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाकर घृणा फैलाने के मुद्दे में सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और ट्वीट के स्‍क्रीन शॉट्स भी दिये जिसमें दावा किया गया था कि प्रदेश में सपा के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा.

इस मुद्दे में 25 जुलाई को राजधानी के गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अखिलेश यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “2022 के चुनाव समीप हैं और बीजेपी के लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि वे सत्ता हथियाने के लिए असत्य बोलने और लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हैं. उनका उद्देश्य विकास सहित मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है.

अखिलेश ने कहा, “हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में धैर्य बरतने के लिए बोला है, जो संवाद और विचार जाहीर करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है. दुर्भाग्य से बीजेपी इसका दुरुपयोग कर रही है.

यादव ने बोला कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के साढ़े चार वर्ष बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी कार्य नहीं है. सपा से ही प्रदेश के लोगों को उम्‍मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी.

यादव ने कहा, “जब बीजेपी असत्य बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मामले पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?”

उन्होंने बोला कि प्रदेश में बीजेपी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकार है और स्त्रियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने बोला “पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान स्त्रियों के साथ क्या व्यवहार किया गया. कैसे बीजेपी के गुंडों ने स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि “भाजपा को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को बीजेपी के धोखे से बचाने के लिए सपा लोगों की आवाज उठा रही है.

यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सपा उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी.

रितु सिंह की कम्पलेन के आधार पर लखीमपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध केस दर्ज किया गया था और इस मुद्दे में छह पुलिसवालों को भी निलंबित कर दिया गया. दूसरी ओर बीजेपी ने बोला कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.