लॉकडाउन के बाद 22 रूपये किलो बिकने वाला आटे की कीमत जानके आप हो जायेंगे दंग, पढ़े

लॉकडाउन के बाद 22 रूपये किलो बिकने वाला आटे की कीमत जानके आप हो जायेंगे दंग, पढ़े

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा सारे देश को लॉकडाउन (Lockdown) करने के बाद बाजारों में समान खरीदने को भीड़ लग गई, जिसका पूरा लाभ कालाबाजरी करने वालों ने उठाया। 

आलम ये रहा है कि वाराणसी में 22 रूपये किलो बिकने वाला आटा फुटकर मार्केट में 50 रुपये किलो बिका। ये महंगाई सिर्फ अनाजों में नहीं बल्कि सब्जियों में भी देखी गई। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की। आम आदमी को विवशता में महंगे सामानों को खरीदना पड़ा।

मंडियों में दिखी भीड़
बता दें कि बनारस 23 मार्च से ही लॉकडाउन है, जिसके भीतर प्रातः काल के वक्त लगभग 12 बजे तक राशन के दुकानों को छूट मिली हुई है लेकिन मंगलवार को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 21 दिन के आह्वान करने के बाद एक बार फिर प्रातः काल होते ही राशन से दुकानों से लेकर सब्जियों के मंडी तक जनता की भीड़ देखी गई। इसका पूरा लाभ कालाबाजरी करने वालों को मिला।

50 रूपये किलो बिका आटा



बनारस के सभी इलाकों में राशन के दुकानदारों को दुकान खुलने की छूट मिली है, जिसका लाभ ये दुकानदार भरपूर उठा रहे हैं। हमने जब इसकी सच्चाई जानने के लिए बाजारों के तरफ रुख किया तो बाज़ार में आटा की किल्लत देखी गई। दुकानदार डंके की चोट पर आटा की किल्लत बताकर आटा को 50 रूपये किलो बेचते नजर आए। ये अलाम वाराणसी सिगरा, सोनिया, औरंगाबाद, भेलुपर समेत कई इलाकों में देखा गया। यही नहीं आटा के साथ-साथ चावल, दाल, सरसो का तेल, रिफाइंड व व्रत की सामग्रियों में 30 से 40 रुपये किलो बढ़ाकर कालाबाजरी की जा रही है।

सब्जियों के दामों ने छुआ आसमान
सब्जियों के दामों में भी बहुत ज्यादा उछाल आई है। सबसे ज्यादा टमाटर, आलू, प्याज, गोभी, धनिया, मिर्च के दामों में उछाल नजर आया। आलू 25 रूपये किलो से बढ़कर 35 रूपये किलो तो प्याज 30 से 40 रूपये किलो, वहीं टमाटर 80 रूपये किलो तक बिक रहा है। इसके साथ ही मिर्च 150 रूपये किलो, धनिया 200 रूपये किलो बिक रहा है।

क्या कहते हैं लोकल लोग
लोकल निवासी दिनेश सेठ व अनिल पाण्डेय ने बताया कि बाजारों में खुलेआम दामों में बढ़ोतरी की हुई है। हम आमजन को खरीदना विवशता हो गयी है क्योंकि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद आह्वान किया है कि 21 दिनों तक घर में रहें। अब 21 दिनों तक घर में रहने के लिए समान को खरीदना ही पड़ेगा। ऐसे में हमे विवशता में महंगे समान खरीदने पड़ रहे हैं।

क्या कहते हैं जिलाधिकारी
हमारे संवाददाता ने वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को इस बात आए अवगत कराया कि बाजारों में लॉकडाउन के नाम से कालाबाजरी हो रही है, जबकि आपने राशन के दुकानों को खोलने की छूट दी हुई है। इस कालाबाजरी को रोकने के लिए क्या आप कोई ठोस कदम उठा रहे हैं? तो जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि थोड़ा समय लगेगा। इस पर व्यापारियों से बात करके एक दाम तय किया जाएगा, जिसमें थोड़ा समय लगेगा।

जिला प्रशासन की सुस्ती ने बढ़ाया कालाबाजरी करने वालों का मन
जबसे कोरोना का संकट देश में आया है तभी से देखा जा रहा है कि कालाबाजरी करने वालों की धूम मची है। 10 रूपये का मास्क 400 रूपये बिका तो वहीं अब सब्जियों व अनाजों के दाम आसमान छू रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए बयान भी जारी किया कि ऐसे लोगो के ऊपर कार्रवाई की जाएगी लेकिन ये सिर्फ बयानों में ही रह गया। कार्रवाई कुछ नही हुई।