कोरोना वायरस का इलाज कर रहे चिकित्सक हो रहे है हाथापाई व बदसलूकी का शिकार, पढ़े

कोरोना वायरस का इलाज कर रहे चिकित्सक हो रहे है हाथापाई व बदसलूकी का शिकार, पढ़े

 हिंदुस्तान समेत दुनियाभर के देश इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति में भी ऐसे कई लोग भी हैं, जो अपनी जान की परवाह किए बिना संक्रमितों का उपचार कर रहे हैं 

व लोगों की मदद में जुटे हुए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जनता कर्फ्यू के बाद डॉक्टरों, नर्सों, सफाई कर्मचारियों व पुलिस के इस सहयोग के लिए पांच मिनट ताली बजाकर उनका आभार जताने को बोला था। इस बीच तेलंगाना व आंध्र प्रदेश में कुछ चिकित्सक हाथापाई व बदसलूकी का शिकार हो रहे हैं।

ये मुद्दा तेलंगाना के खम्मम जिले का है। यहां ममता मेडिकल कॉलेज की एक पीजी चिकित्सक का आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने पर चेकपोस्ट पर पुलिस द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। इस चिकित्सक का बोलना है कि सोमवार को 8.30 बजे उन्हें इमरजेंसी सर्विस के लिए बुलाया गया था, इसलिए वह घर से बाहर निकली थीं। कारण बताए जाने का बाद भी पुलिस ने नहीं सुनी व उनके साथ बदसलूकी की।

महिला चिकित्सक का आरोप है कि हॉस्पिटल जाने के दौरान लोकल कॉन्सटेबल ने उन्हें रोक दिया। कॉन्सटेबल उन्हें एसीपी पीवी गणेश के पास लेकर गया। आरोप है कि आईकार्ड दिखाने के बाद भी एसीपी ने उनके साथ बदसलूकी की व थप्पड़ जड़ दिया।

वह आगे बताती हैं, 'एसीपी ने मुझसे बोला कि क्या मुझमें कोई शर्म है? मैं लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर क्यों निकली हूं? पढ़ी-लिखी होने के बाद भी क्या मुझे लॉकडाउन का मतलब नहीं पता है। '

डॉक्टर आगे बताती हैं, 'मैंने पहले तो उन्हें समझाने की बहुत प्रयास की। उनसे बोला कि मैं एक चिकित्सक हूं, व मेरे घर से बाहर निकलने के कुछ कारण हैं। लेकिन इस बीच एसीपी ने मुझे थप्पड़ मार दिया व मेरे बाल खींचते हुए पुलिस स्टेशन तक लेकर गए। वहां कोई फीमेल अधिकारी भी नहीं थी। '


चिकित्सक ने हाथापाई व बदसलूकी करने वाले पुलिस अधिकारी के विरूद्ध शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस अधिकारी के माफी मांगने के बाद उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली है।

महिला चिकित्सक ने कहा, 'हम सबसे लड़ रहे हैं। पुलिस हो या चिकित्सक दोनों जनता के लिए कार्य करते हैं। मुझे नहीं लगता कि ये वक्त एक-दूसरे से लड़ने का है। पुलिस अधिकारी ने माफी मांग ली व मैंने भी अपनी शिकायत वापस ले ली है। प्लीज डॉक्टरों के साथ ऐसा बर्ताव मत करिए। कोरोना की वजह से हम पहले से ही बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। '

खम्मम जिले में एसीपी गणेश के विरूद्ध कुछ व डॉक्टरों ने भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक श्याम कुमार का आरोप है कि उन्हें इमरजेंसी ड्यूटी के बुलाया गया था। वह अस्पताल जाने के लिए निकले थे, रास्ते में पुलिसवालों ने उन्हें रोक लिया।

चिकित्सक श्याम कुमार बताते हैं, 'हम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा कर ड्यूटी कर रहे हैं व पुलिस हमारे साथ ऐसा बर्ताव कर रही है। एसीपी ने मेरे विरूद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने मेरी गाड़ी जब्त करने की धमकी भी दी। मैं चाहता हूं कि वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। '
 

खम्मम से करीब 120 किलोमीटर दूर वारंगल जिले में महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) हॉस्पिटल के करीब 200 हाउस सर्जनों को हॉस्टल छोड़ने का फरमान जारी कर दिया गया है, क्योंकि ये सभी कोरोना संक्रमितों के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे थे। हालांकि, इन हाउस सर्जनों के रहने के लिए अलग बंदोवस्त करने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है।


पुलिस के भय से यहां तक कि कुछ चिकित्सक दूसरी स्थान किराये पर रहने की स्थान भी तलाश रहे हैं। लेकिन, उन्हें किराये पर कोई कमरा भी नहीं दे रहा। ज्यादातर मकान मालिक उन्हें 'संक्रमित व गंदे' लोग कहकर बाहर से ही चलता कर दे रहे हैं।

MGM हॉस्पिटल के एक चिकित्सक ने News18 को बताया, 'हमारे प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्हें डिस्ट्रिक कलेक्टर की ओर हॉस्टल को आइसोलेशन वार्ड बनाने के ऑर्डर मिले हैं। इसलिए हमें तुरंत हॉस्टल छोड़कर जाने के लिए बोला जा रहा है। हम किराये पर रूम के लिए लोगों से सम्पर्क कर रहे हैं, लेकिन वे हमसे बात तक नहीं करना चाहते। वे कहते हैं कि तुम लोग गंदे व कोरोना से संक्रमित हो। इसलिए हमें रहने के लिए कमरा नहीं दिया जा सकता। '

बता दें कि हाल ही में एक वार्ता में, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, एटला राजेंदर ने बोला था कि सरकार आइसोलेशन के लिए 15,000 बेड तैयार करने की योजना बना रही है। ये बेड व्यक्तिगत अस्पतालों/कॉलेजों में पहुंचाए जाएंगे।

इसके अलावा, उन्होंने बोला था कि जिन लोगों ने एक महीने पहले हॉस्टल अकॉमोडेशन बुक करा लिया था, उनसेके मद्देनजर अभी नहीं आने के लिए बोला गया है। मकान मालिकों से उनका एडवांस लौटाने को बोला गया है।