90 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का मासूम

90 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का मासूम

राजस्थान: राजस्थान (Rajasthan) में जालौर (Jalore) जिले के लाछड़ी गांव में गुरूवार (Thursday) को एक चार साल का बच्चा 90 फीट गहरे बोरवेल (borewell) में गिर गया। बताया जा रहा है कि बच्चा खेलते हुए बोरवेल के अंदर देख रहा था तभी अचानक पांव फिसलने से वह गिर गया। परिजनों ने मासूम के बोरवेल में गिरने की सुचना पुलिस को दी। जिसके बाद बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए SDRF और पुलिस प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कर दिया।

बच्चे को बचाने के लिए JCB मशीनें मंगवाई गई, इसी बीच बच्चे को ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए बोरवेल के ऊपर ऑक्सीजन का सिलेंडर रखकर बोरवेल के भीतर ऑक्सीजन दी गई। पुलिस के अनुसार, ये घटना नगाराम देवासी के खेत की है। खेत में नया बोरवेल खुदवाया गया था। कोरोना महामारी के कारण मजदूर ना मिल पाने के चलते इसे पक्का नहीं कराया जा सका था।

पहले भी घट चुकी ऐसी घटना
वही शुक्रवार सुबह खबर मिली है की 95 फुट गहरे बोरवेल में गिरे चार साल के बच्चे को रेस्क्यू कर लिया गया है। ये ऐसा पहला मामला नहीं है इससे पहले भी राजस्थान के के सिरोही में बोरवेल में गिरे एक बच्चे को बचा लिया गया था। डिप्टी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार सोलंकी का कहना है कि मैं एनडीआरएफ की टीम और अन्य सभी लोगों को बधाई देता हूं, जो इसमें शामिल थे। एसडीएम शिवगंज भागीरथ चौधरी के मुताबिक, यह बच्चा 15 फीट पर फंस हुआ था। बच्चे को पानी और ऑक्सीजन लगातार दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई।


गुलेरिया ने कहा- डेढ़ से दो माह में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

गुलेरिया ने कहा- डेढ़ से दो माह में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डाॅ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन खत्म होने के बाद लोगों ने एक बार फिर बचाव के नियमों का ठीक से पालन करना बंद कर दिया है। भीड़ भी एकत्रित होने लगी है। इसलिए तीसरी लहर जरूर आएगी। यदि यही स्थिति रही तो डेढ़ से दो माह (छह से आठ सप्ताह) में तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

एम्स निदेशक ने कहा- लोगों ने पहली व दूसरी लहर से नहीं लिया कोई सबक 

एम्स निदेशक ने एक बयान में कहा कि अनलाॅक शुरू होने के बाद लोगों में कोरोना से बचाव के व्यवहार में कमी देखी जा रही है। ऐसा लगता है कि लोगों ने पहली व दूसरी लहर से कोई सबक नहीं लिया। सामान्य तौर पर नई लहर तीन माह के अंतराल पर आती है, लेकिन यह इस पर भी निर्भर करेगा कि लोग बचाव के नियमों का कितना पालन करते हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाते हैं। मामले बढ़ने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन तीसरी लहर तीन माह के अंतराल से थोड़ा पहले आ सकती है।

गुलेरिया ने कहा- जब तक टीका नहीं लग जाता, संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा

उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को जल्द टीका लगाना सबसे बड़ी चुनौती है, जब तक टीका नहीं लग जाता, संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा। वायरस में म्युटेशन होने के बाद ही नया स्ट्रेन बाहर से भारत आया और पूरे देश में दूसरी लहर फैल गई। वायरस में अब भी म्यूटेशन हो रहा है। इसलिए नए म्यूटेशन का पता लगाने के लिए अध्ययन करना होगा।

गुलेरिया ने कहा- संक्रमण रोकने का पूरे देश में लाॅकडाउन से बेहतर विकल्प नहीं

उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने का पूरे देश में लाॅकडाउन से बेहतर विकल्प नहीं है। इससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इसलिए संक्रमण की निगरानी जरूरी है, यदि कहीं संक्रमण बढ़ता है तो कंटेनमेंट जोन में लाॅकडाउन किया जाना चाहिए।

संक्रमण से बचाव के लिए मास्क जरूरी, शारीरिक दूरी के नियम का हो पालन

संक्रमण दर पांच फीसद से अधिक होने पर मिनी लाॅकडाउन होना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग मास्क का इस्तेमाल जरूर करें और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते रहें।