मुख्य सचिवों की कॉन्फ्रेंस में बोले पीएम मोदी

मुख्य सचिवों की कॉन्फ्रेंस में बोले पीएम मोदी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को समापन हुआ. हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रालयों के युवा जिला कलेक्टरों और मजिस्ट्रेटों सहित कई अधिकारी शामिल हुए. तीसरे दिन उच्च शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार, शहरी नियोजन और नगरपालिका वित्त के माध्यम से शहरी शासन में सुधार संबंधी सत्र आयोजित किए गए. मिशन कर्मयोगी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की पहुंच और सिविल सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य के समन्वय की जरूरत पर भी चर्चा हुई. 

व्यापक सत्रों की सराहना करते हुए पीएम ने बोला कि विचार-विमर्श क्षेत्रों के लिए एक रोडमैप तैयार करने में उपयोगी है.उन्होंने जोर देकर बोला कि केंद्र और राज्य मिलकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करें. उन्होंने बोला कि सम्मेलन में चर्चा किए गए कार्य बिंदुओं और नए विचारों को बिना देर किए लागू किया जाना चाहिए.

न्यूनतम गवर्नमेंट अधिकतम शासन

न्यूनतम गवर्नमेंट और अधिकतम शासन पर जोर देते हुए पीएम ने हिंदुस्तान में जीवन की अधिक सुगमता सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने यह भी बोला कि छोटे अपराधों की रोकथाम के लिए उन्हें मिशन मोड में लिया जाना चाहिए. 

ड्रोन का हो उपयोग 

उन्होंने बोला कि राज्यों को अपने विभागों और क्षेत्रीय निकायों द्वारा की गई खरीदारी के लिए जीईएम पोर्टल का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे समय और लागत की बचत होगी. पीएम ने सर्विस इंडस्ट्री में ड्रोन के इस्तेमाल पर भी बात की. विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं या बागवानी उत्पादों की डिलीवरी के लिए ड्रोन उपयोगी साबित होंगी. ये किसानों और सेवा प्रदाताओं की उत्पादों की पहुंच में सहायता करेंगे. 

रिक्तियों को भरने का आग्रह

राज्य गवर्नमेंट के विभागों में सभी रिक्तियों को भरने का आग्रह करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि राज्यों को प्रत्येक क्षेत्र के अनुसार ऐसी रिक्तियों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें भरना चाहिए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उन्होंने बोला कि राज्यों को प्राथमिक विद्यालयों के साथ आंगनवाड़ियों को एकीकृत करने का कोशिश करना चाहिए. 

टेक्नोलॉजी का हो उपयोग 

पीएम मोदी ने नगर निगम के वित्त में सुधार के लिए राज्यों द्वारा की जा रही पहलों की सराहना की. उन्होंने बोला कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अद्वितीय अनुभव साझा किए हैं. सम्मेलन में जिन विचारों पर चर्चा की गई है, उन्हें इनक्यूबेट किया जाना चाहिए. उन्होंने टैक्स कलेक्शन की एफिशियेंसी बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी और नवीन उपायों की आरंभ की सिफारिश की. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्यों द्वारा शहर और वार्ड सौंदर्यीकरण की प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए. 

अपनी ताकत को पहचानें 

प्रधानमंत्री मोदी ने बोला कि प्रत्येक राज्य को अपनी ताकत को पहचानना चाहिए. अपने लक्ष्यों को परिभाषित करना चाहिए और इसे प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप विकसित करना चाहिए. हिंदुस्तान के लिए 5 ट्रिलियन $ की अर्थव्यवस्था बनने के लिए यह आवश्यक है. शहरी क्षेत्र भविष्य के विकास और रोजगार सृजन में जरूरी होंगे. इसलिए शहरी क्षेत्रीय निकायों को मजबूत किया जाना चाहिए. शहरी नियोजन को नवीन रूप से किया जाना चाहिए. 

‘पीएम-गतिशक्ति’ को करें लागू 

देश में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि ‘पीएम-गतिशक्ति’ को उचित ढंग से लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने सभी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में सुधार लाने के साथ केंद्र और राज्यों के डेटासेट की इंटरऑपरेबिलिटी बनाने की जरूरत पर जोर दिया. 

प्रदर्शन, सुधार और बदलाव समय की मांग

उन्होंने बोला कि सभी योग्य बिंदुओं को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. प्रदर्शन, सुधार और बदलाव करना समय की मांग है. प्रतिभागियों ने सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की. उन्होंने टीम इण्डिया की सच्ची भावना में सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में गहरी दिलचस्पी दिखाने के लिए भी प्रशंसा की. प्रतिभागियों ने यह भी बोला कि सम्मेलन ने उन्हें व्यावहारिक सुझाव और नए विचार प्राप्त करने में सहायता की है. 

नवीन विचारों पर चर्चा 

विचार-विमर्श के बाद कृषि, शिक्षा और शहरी शासन के क्षेत्रों में काम करने के लिए सुझाव दिए गए. नागरिकों के कल्याण में सुधार के लिए नवीन विचारों पर चर्चा की गई. केंद्र और राज्यों के बीच इस सहयोगात्मक अभ्यास को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के माध्यम से तीन क्षेत्रों के लिए रोडमैप को मजबूत करके आगे बढ़ाया जाएगा.