लंबे समय तक डर व चिंता करने सी आपको हो सकता है यह बड़ा नुकसान, जाने

लंबे समय तक डर व चिंता करने सी आपको हो सकता है यह बड़ा नुकसान, जाने

एक अध्ययन के अनुसार, लंबे समय तक डर व चिंता से न केवल एक आदमी के मानसिक स्वास्थ्य पर निगेटिव असर पड़ सकता है, बल्कि एक आदमी के शुक्राणु पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है। 

Communications नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुए शोध के अनुसार, जैविक तंत्र की रूपरेखा से पता चलता है कि अगर पिता तनाव से परेशान है तो इसका प्रभाव गर्भ में पल रहे भ्रूण के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बोला कि पैतृक तनाव का असर बाह्य कोशिकीय बदलावों के जरिए उनकी संतानों में स्थानांतरित होने कि सम्भावना है।

एक्स्ट्रासेल्युलर वेसिकल्स छोटे झिल्ली से बने हुए कण होते हैं जो प्रोटीन, लिपिड व न्यूक्लिक एसिड को कोशिकाओं के बीच ले जाते हैं। शोधकर्ताओं ने बोला कि ये वेसिकल्स रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में बड़ी मात्रा में पैदा होती हैं व शुक्राणु के विकास में एक जरूरी किरदार निभाती हैं।

अध्ययन के लेखक ट्रेसी बेल ने कहा, 'इतने सारे कारण हैं कि तनाव को कम करना विशेष रूप से अब लाभकारी है जब हमारे तनाव के स्तर को लंबे समय तक बढ़ाया जाता है व अगले कुछ महीनों तक ऐसा रहेगा,'



बेल ने बोला PTI से बोला कि तनाव को अच्छा से मैनेज करने से न केवल मानसिक स्वास्थ्य व अन्य तनाव संबंधी बीमारियों में सुधार आ सकता है, बल्कि रिप्रोडक्टिव सिस्टम (प्रजनन प्रणाली) पर संभावित असर को कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसा करने से जन्म लेने वाले बच्चे पर भी निगेटिव असर नहीं पड़ेगा।