रुद्राक्ष पहनने से पहले ऐसे करें असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान

रुद्राक्ष पहनने से पहले ऐसे करें असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान

रुद्राक्ष की माला पहनने से इंसान बहुत सारी बीमारियों से दूर रहता हैं लेकिन इस माला को पहनने का तरीका अन्य मालाओं के पहनने से अलग होता हैं क्योंकि यह बात ज्योतिष शास्त्र मे बताया गया हैं। हमेशा असली रुद्राक्ष की माला ही पहननी चाहिए तभी लाभ मिलता है।  ऐसे जाने रुद्राक्ष असली है या नकली...

# असली रुद्राक्ष के केंद्र में नेचुरली छेद होते हैं और नकली रुद्राक्ष के केंद्र में हाथों से छेद किया जाता हैं और उसे गोल आकार दिया जाता हैं।

# आप जब भी रुद्राक्ष अपने घर ले आए तो उसे सबसे पहले सरसों के तेल में डुबो कर जरूर देख क्योंकि असली रुद्राक्ष कलर नहीं छोडता हैं जबकि नकली रुद्राक्ष कलर छोड़ देता है।

# रुद्राक्ष को पानी में भी डालकर देख सकते है क्योंकि असली रुद्राक्ष पानी में डूब में जाता हैं लेकिन नकली रुद्राक्ष पानी में तैरता हैं।

# यदि आप असली रुद्राक्ष को किसी नुकीली चीज से कुरेदेंगे तो उसमें से रेशे निकलते हैं लेकिन वहीं दूसरी ओर नकली रुद्राक्ष को यदि आप कुरदते हैं तो उसमें से रेशे नहीं निकलते हैं।


अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

इंसान की मृत्यु एक सार्वभौमिक क्रिया हैं जिसका हर किसी के साथ होना तय है। ऐसे में फिर भी सभी को मौत का भय सताता रहता है और सभी मौत से डरते हैंमौत का संकेत ऐसे में क्या आप जानते हैं कि मौत का पता कैसे चल सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि शिवपुराण में इसके संकेतों के बारे में बताया गया है। 

मिलते है ये संकेत:

# शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा या कबूतर आकर बैठ जाता है उसकी मौत एक महीने में होना तय होती है।

# अगर किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला व सफेद पड़ जाए अौर लाल निशान दिखाई दे तो समझ जाइए कि व्यक्ति की मृत्यु 6 महीने के भीतर होने वाली है।

# जिस मनुष्य की आंख, कान, मुंह अौर जीभ ठीक से काम न करें उसकी भी मृत्यु 6 महीने के अंदर होना तय होती है।

# जिस व्यक्ति को चंद्रमा या सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे तो समझ जाएं उस इंसान की मौत 15 दिन के अंदर होने वाली है।

# जब किसी इंसान को जल, घी, तेल या दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं रहती है और वह मरने वाला होता है।