हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार जाने स्त्रियों के खुले बालों का मतलब...

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार जाने स्त्रियों के खुले बालों का मतलब...

हमारे धर्म शास्त्रों में स्त्रियों के बालों के विषय में कहा गया है। शास्त्र में स्त्रियों को अपने बालों को हमेशा बांधकर रखने की सलाह दी गई है। आइये जानते है कि स्त्रियों को अपने बालों को हमेशा बांधकर ही क्यों रखना चाहिए.....

हिन्दू धर्म शास्त्र में कहा गया है कि स्त्रियों को हमेशा अपने बाल बांधकर रखना चाहिये। क्योंकि पुरातन काल में बालों को खुला रखने का मतलब होता है, कि वह स्त्री किसी का शोक मना रही है।

रामायण काल में भी, जब सीता माता का विवाह भगवान राम से हुआ था, तब उनकी माता ने माता सीता के बाल बांधते हुए कहा कि अपने बालों को कभी खुला नहीं छोड़ना क्योंकि बंधे हुए बाल रिश्तों को बांधकर रखते है।

स्त्रियाँ अपने बाल खुले तभी रखती है जब वह एकांत में अपने पति के साथ होती है। शास्त्र में कहा गया है कि स्त्रियों के खुले बाल नकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत होते है, जो उनके घर में क्लेश उत्पन्न करते है।

 इस विषय में ऐसा भी माना जाता है कि यदि स्त्री अपने बालों को रात्री के समय खोलकर सोती है, तो उसके ऊपर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है।


अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

इंसान की मृत्यु एक सार्वभौमिक क्रिया हैं जिसका हर किसी के साथ होना तय है। ऐसे में फिर भी सभी को मौत का भय सताता रहता है और सभी मौत से डरते हैंमौत का संकेत ऐसे में क्या आप जानते हैं कि मौत का पता कैसे चल सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि शिवपुराण में इसके संकेतों के बारे में बताया गया है। 

मिलते है ये संकेत:

# शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा या कबूतर आकर बैठ जाता है उसकी मौत एक महीने में होना तय होती है।

# अगर किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला व सफेद पड़ जाए अौर लाल निशान दिखाई दे तो समझ जाइए कि व्यक्ति की मृत्यु 6 महीने के भीतर होने वाली है।

# जिस मनुष्य की आंख, कान, मुंह अौर जीभ ठीक से काम न करें उसकी भी मृत्यु 6 महीने के अंदर होना तय होती है।

# जिस व्यक्ति को चंद्रमा या सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे तो समझ जाएं उस इंसान की मौत 15 दिन के अंदर होने वाली है।

# जब किसी इंसान को जल, घी, तेल या दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं रहती है और वह मरने वाला होता है।