रूस-यूक्रेन में युद्ध के संभावना तेज? ब्रिटेन भी भेजेगा अपनी फौज

रूस-यूक्रेन में युद्ध के संभावना तेज? ब्रिटेन भी भेजेगा अपनी फौज

लंदन: क्या दुनिया तीसरे वर्ल्ड वॉर की ओर बढ़ रही है? रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच गहराते तनाव की वजह से ये संभावना दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है इस संभावना के बीच ब्रिटेन (UK) ने भी अपने दोस्त और नाटो सहयोगी यूक्रेन के फेवर में अपनी फौज भेजने की घोषणा कर दी है  

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन (Ukraine) के साथ अपनी प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए ब्रिटेन (UK) मई में अपनी नेवी के दो वॉरशिप ब्लैक सी में भेजेगा इनमें से एक Type 45 का डेस्ट्रॉयर होगा इस जहाज पर एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें लगी हुई हैं वहीं दूसरा एंटी-सबमरीन Type 23 फ्रिगेट जहाज होगा इसके साथ ही इलाके में भ्रमण कर रहे एयरक्राफ्ट कैरियर HMS Queen Elizabeth पर F-35B लाइट स्टील्थ एयरक्राफ्ट और पनडुब्बियों को समाप्त करने में सक्षम Merlin हेलीकॉप्टर भी स्टैंड बाई मोड पर रखे जा रहे हैं 

ब्रिटेन के चीफ ने पुष्टि की कि उसके रॉयल एयर फोर्स के 6 Typhoon सुपर जेट विमान भी प्री-प्लान मिशन के लिए पूर्वी यूरोप की ओर उड़ान भरेंगे ये जहाज इलाके में तैनात नौसेना के जहाजों की सहायता करने के साथ ही क्षेत्र की हवाई नज़र भी करेंगे ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इन तैनातियों को रूटीन डिप्लॉयमेंट बताया है वहीं रक्षा जानकारों का मानना है कि रूस-यूक्रेन (Russia-Ukraine) युद्ध की स्थिति में ब्रिटेन (UK) स्वयं लड़ाई में शामिल होने की तैयारी कर रहा है ब्रिटिश रक्षा सूत्रों का बोलना है कि इस मुद्दे में यूक्रेन के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है साथ ही रूस (Russia) पर भी दशा को शांत करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है

बताते चलें कि अजोव सागर (Sea of Azov) रूस और यूक्रेन के बीच में फैला हुआ है बाहरी राष्ट्रों के जहाजों को ब्लैक सी से अजोव सागर तक जाने के लिए एक संकरी केर्च खाड़ी (Kerch Strait) से होकर गुजरना पड़ता है यह खाड़ी रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine) के क्रीमिया प्रायद्वीप को जोड़ती है इस प्रायद्वीप में रूसी भाषी लोग अधिक रहते थे रूस (Russia) ने दो वर्ष पहले ताकत के बल पर इसे यूक्रेन (Ukraine) से छीन लिया था पिछले सप्ताह रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने केर्च खाड़ी (Kerch Strait) को ब्लॉक करने का आदेश दिया है जिसके बाद से अमेरिका और दूसरे पश्चिमी राष्ट्रों में बौखलाहट बढ़ी है

युद्ध की स्थिति में बाहरी देश अजोव सागर में आकर यूक्रेन (Ukraine) की सहायता न कर पाएं, इसे देखते हुए रूसी नौसेना के जहाज अब इस केर्च खाड़ी (Kerch Strait) को घेरे हुए खड़े हैं रूसी नेवी ने बिना इजाजत के किसी भी विदेशी नौसैनिक जहाज के 6 महीने तक अजोव सागर में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है हालांकि व्यापार के लिए आने वाले मर्चेंट नेवी के जहाजों के लिए रास्ता अभी खुला हुआ है इस नाकेबंदी की घोषणा तब की गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन की सहायता के लिए अपने दो डेस्ट्रॉयर भेजने की योजना को तनाव बढ़ने की संभावना के मद्देनजर रद्द कर दिया था  

यूक्रेन सरकार का आरोप है कि क्रीमिया प्रायदीप को छीनने के बाद अब रूस (Russia) की नजर उसके दो उत्तर-पूर्वी प्रांत Lugansk और Donetsk पर लगी हुई है इन दोनों राज्यों में भी रूसी भाषी लोग पर्याप्त मात्रा में रहते हैं और इन प्रांतों की सीमा रूस को टच करती है   रूस दावा करता है कि इन इलाकों में रूसी भाषी लोग होने की वजह से ये दोनों इलाके उसके हैं और इन्हें रूस का भाग होना चाहिए वहीं यूक्रेन (Ukraine) इसका विरोध करता है

यूक्रेन का आरोप है कि रूसी सरकार की शह पर इन दोनों प्रांतों में विद्रोहियों ने उसकी सेना के विरूद्ध जंग छेड़ रखी है जब यूक्रेन की सेना विद्रोहियों को कठोरता से दबाने लगी तो अब उनकी सहायता के लिए रूस ने 41 हजार फौजी इन दोनों प्रांतों के बॉर्डर पर तैनात कर दिए हैं इन सैनिकों के साथ बड़ी तादाद में टैंक, तोपखाने और एयरफोर्स भी शामिल है इसके साथ ही भारी हथियारों के साथ 42 हजार सैनिक क्रीमिया भेजे गए हैं, जिससे युद्ध की स्थिति में यूक्रेन के दक्षिण हिस्से में हमला करके दूसरा मोर्चा भी खोला जा सके

अपना एक बड़ा प्रांत पहले ही गंवा चुके यूक्रेन (Ukraine) को डर है कि यदि रूस (Russia) को जल्द नहीं रोका गया तो वह उसके दो प्रांत Lugansk और Donetsk को भी उससे छीन लेगा इसके लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति लगातार अमेरिका और दूसरे नाटो सहयोगियों से वार्ता कर रहे हैं वहीं रूस अब तक चुप है और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए अपनी सैनिक तैयारियों को मजबूत करने में लगा है इसे देखते हुए नाटो देश भी अपनी तैयारियां करने में जुट गए हैं माना जा रहा है कि यदि जल्द ही बीच का कोई रास्ता नहीं निकला तो रूस और यूक्रेन में बड़ी भिड़ंत हो सकती है, जो कब वर्ल्ड वॉर में बदल जाए, किसी को नहीं पता


व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस की कोविड-19 वैक्सीन AK-47 जितनी भरोसेमंद

व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस की कोविड-19 वैक्सीन AK-47 जितनी भरोसेमंद

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बोला है कि रूस की Covid-19 वैक्सीनें AK-47 की तरह भरोसेमंद हैं. न्यूज एजेंसी TASS के अनुसार रूस ने अब तक की चार वैक्सीनों को स्वीकृति दे दी है. TASS ने पुतिन के हवाले से लिखा, वे AK-47 जितनी भरोसेमंद हैं. यह हम नहीं, एक यूरोपियन स्पेशलिस्ट ने बोला है और मुझे लगता है कि वह पूरी तरह ठीक है.' AK-47 दुनिया में सबसे अधिक इस्तेला किए जाने वाले हथियारों में से एक है.

एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उपप्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने पुतिन के हवाले से बताया, 'हमारा मेडिकेशन ऐसी तकनीक और प्लैटफॉर्म पर आधारित है जिसे दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है. वे बहुत मॉडर्न और अप-टू-डेट हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे सबसे अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित है.'


एक खुराक की वैक्सीन मंजूर
इससे पहले रूस ने Covid-19 रोधी अपने टीके Sputnik V की एक-खुराक वाले संस्करण को बृहस्पतिवार को यह तर्क देते हुए नियामक स्वीकृति प्रदान कर दी कि इस कदम से कोविड-19 वायरस के विरूद्ध सामूहिक प्रतिरक्षा प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है. टीके के इस संस्करण का नाम 'स्पूतनिक लाइट' है और यह दो-खुराक वाले Sputnik V की पहली खुराक के समान है. इसे अभी तक स्थापित वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के अनुरूप इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उन्नत परीक्षण पूरा करना बाकी है.




वायरस के विरूद्ध मजबूती
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक रूस ने जनवरी में 'स्पूतनिक लाइट' का मानव परीक्षण प्रारम्भ किया था और शोध अभी भी जारी हैं. 'स्पूतनिक लाइट' रूस में स्वीकृत चौथा घरेलू विकसित Covid-19 रोधी टीका है जिसे देश में स्वीकृति दी गई है. रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बोला कि चौथे टीके को अधिकृत करने से वायरस के विरूद्ध सामूहिक प्रतिरक्षा बनाने की प्रक्रिया को गति देने में सहायता मिलेगी. अधिकांश वैज्ञानिकों का मानना है कि Covid-19 के विरूद्ध सामूहिक प्रतिरक्षा हासिल करने के लिए कम से कम 70 फीसदी आबादी का टीकाकरण आवश्यक है, लेकिन सटीक सीमा अभी भी अज्ञात है.


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