राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परिवार के सदस्य, पूर्व सहयोगी के साथ करेंगे इन संशोधन पर विचार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परिवार के सदस्य, पूर्व सहयोगी के साथ करेंगे इन संशोधन पर विचार

आने वाले चंद हफ्तों में निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कई लोगों की क्षमा याचिकाओं को स्वीकृति दे सकते हैं कई अधिवक्ताओं और वकीलों ने यह अनुमान जताया है 

बोला जा रहा है कि ट्रंप पद छोड़ने से पहले कई लोगों की सजा को माफ करने या उसमें संशोधन पर विचार कर रहे हैं जिनमें संभवत: उनके परिवार के सदस्य, पूर्व सहयोगी और वह स्वयं शामिल हैं

यूं माफी देना पुरानी रिवायत  
अमेरिका (USA) के राष्ट्रपतियों द्वारा पद छोड़ने से पहले सजा माफ करने संबंधी विवादित निर्णय लेना कोई असामान्य बात नहीं है, ट्रंप ने यह साफ किया कि उन्हें उन दोस्तों और सहयोगियों के मुद्दे में हस्तक्षेप का कोई पछतावा नहीं है जिनके बारे में वह मानते हैं कि उनके साथ अनुचित व्यवहार हुआ इनमें उनके पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन (Michael Flynn) भी शामिल हैं

इसलिए सुर्खियों में है मामला
ये बात भी सामने आ रही है कि अपने कार्यकाल के कुछ ही दिन शेष होने पर ट्रंप अपने बच्चों और साथियों पर लगे मामलों को माफी दिए जाने के बारे में पूछताछ कर रहे हैं वहीं न्याय विभाग के दस्तावेजों से पता चला है कि किसी दोषी को बचाने के लिए दो लोग व्हाइट हाउस के लगातार सम्पर्क में थे और अब इस मुद्दे की भी जाँच हो रही है  

विविधता से भरी संभावित सूची
उनकी संभावित सूची लंबी और विविधता से भरी है ट्रंप के पूर्व अभियान प्रमुख पॉल मानाफोर्ट भी इसमें शामिल हैं जो रूसी जाँच के सिलसिले में वित्तीय क्राइम को लेकर कारागार में हैं इसके अतिरिक्त जॉर्ज पापाडोपोलस भी फ्लिन की तरह एफबीआई (FBI) से असत्य बोलने का क्राइम स्वीकार कर चुके हैं उनके अतिरिक्त भी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई लोग हैं जिन्हें ट्रंप की तरफ से माफी मिल सकती है

अपने परिवार की चिंता?
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को पद छोड़ने के बाद संभावित कानूनी मामलों की जद में आने की चिंता है अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल के हफ्तों में अपने विश्वस्तों से चिंता जाहिर की थी कि उन्हें, उनके परिवार के सदस्यों और कारोबार को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के न्याय विभाग द्वारा निशाना बनाया जा सकता है, यद्यपि बाइडन ने यह स्पष्ट किया है कि वह ऐसे किसी भी निर्णय में शामिल नहीं होंगे

इसके बावजूद ट्रंप ने अपने सहयोगियों के साथ अनौपचारिक वार्ता में यह चर्चा की थी कि वह कैसे अपने परिवार को संरक्षित रख सकते हैं, यद्यपि उन्होंने ऐसा करने के लिये कोई कदम नहीं उठाया है


क्या गांजे को करे दें लीगल, जनता से पूछा गया सवाल

क्या गांजे को करे दें लीगल, जनता से पूछा गया सवाल

पूरे यूरोप में फ़्रांस में गांजे (कैनाबिस) के खिलाफ सबसे सख्त कानून हैं। इसके बावजूद पूरे यूरोप में फ़्रांस में सबसे ज्यादा गांजे का उपभोग होता है। गांजा-भांग पर कानून के डंडे से रोक लगा पाने में असफल रहने पर अब फ़्रांस के सभी दलों के सांसदों ने इस मसले पर जनता की राय लेने का अभियान चलाया है।

गांजे को लीगल करने पर विचार
फ़्रांस के ढेरों सांसदों का मानना है कि देश के राजनीतिक वर्ग को गांजे को लीगल करने के बारे में सोचना चाहिए। इसी मंशा के चलते फ़्रांस की नेशनल असेम्बली की वेबसाइट पर 13 जनवरी को जनता की राय मांगने का कंसल्टेशन पेपर जारी किया गया। देखते देखते पौने दो लाख लोगों ने अपनी राय वेबसाइट पर डाल भी दी। आमतौर पर ऐसी रायशुमारी में औसतन 30 हजार जवाब ही आते हैं।

गांजा लीगल किया जाये कि नहीं इस पर जनता की राय 28 फरवरी तक ली जायेगी। इस रायशुमारी के दो मकसद हैं – ये जानना कि फ्रेंच नागरिकों के गांजे के बारे में क्या विचार हैं और लोग गांजा-भांग पर किस तरह की सरकारी पॉलिसी चाहते हैं। लोगों की क्या राय है इसे अप्रैल में प्रकाशित किया जाएगा।

फ्रेंच प्रेसिडेंट इमानुएल माक्रों की पार्टी की सांसद कैरलाइन जनिविएर का कहना है कि जनता की राय जानने से हमें बहुत फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनता की राय पता करके शायद इस बात की पुष्टि हो सकेगी कि फ़्रांस का राजनीतिक वर्ग मजे के लिए कैनाबिस के इस्तेमाल के प्रति काफी कम सहानुभूति वाला रुख रखता है, जबकि जनता का रुख इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि हर साल फ़्रांस 568 मिलियन यूरो गांजे की तस्करी रोकने पर खर्च करता है। इसको देखने की जरूरत है।

फ़्रांस की सरकारों ने हमेशा ही गांजे को अपराध की श्रेणी से बाहर लाने की मजबूत खिलाफत की है। 2019 में जब प्रधानमंत्री कार्यालय के आर्थिक सलाहकार ग्रुप ने ‘नशाबंदी पर असफलता’ की रिपोर्ट प्रकाशित की और गांजे को कानूनी वैधता देने का प्रस्ताव किया तो सरकार ने सख्त प्रतिक्रिया दिखाई। हेल्थ मिनिस्टर एग्नेस बुज्य्न ने सार्वजानिक तौर पर कहा कि वे गांजे के खिलाफ हैं। सितम्बर 2020 में आन्तरिक मंत्री गेराल्ड दर्मनिन ने कफा था कि हम इसे लीगल करने नहीं जा रहे।

यहां होता है सबसे ज्यादा इस्तेमाल
पूरे यूरोप में फ़्रांस ही ऐसा देश है जहाँ गांजा सबसे ज्यादा उपभोग किया जाता है। 2016 में 15 से 64 वर्ष के फ्रेंच नागरिकों में से 41 फीसदी ने कम से कम एक बार गांजा जरूर पिया था। यूरोप में ये आंकड़ा 18.9 फीसदी का है।


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