माउंट एवरेस्ट के पर्वतारोहियों पर मंडराया कोरोना का खतरा

माउंट एवरेस्ट के पर्वतारोहियों पर मंडराया कोरोना का खतरा

कोरोना महामारी पूरी दुनिया में कोहराम मचा रही है, ऐसी स्थिति में चीन और नेपाल ने माउंट एवरेस्ट को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया है। अब ये जानकारी सामने आ रही है कि पर्वतारोहियों में से कई कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। पिछले दिनों ऐसे ही संक्रमित विदेशियों को एयरलिफ्ट करके काठमांडू के अस्पताल पहुंचाया गया है।

कोरोना संक्रमण का यह मामला उस समय आया, जब कुछ पर्वतारोहियों की हालत खराब होने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो सप्ताह पहले आए इन मरीजों के बारे में काठमांडू में विशेष रूप से पर्वतारोहियों के लिए इलाज के लिए बने अस्पताल की बिजनेस डवलपमेंट हेड आस्था पंत ने बताया कि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को यहां लाया गया था। उनके आरटी-पीसीआर टेस्ट में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।

इधर नेपाल पर्यटन विभाग की निदेशक मीरा आचार्य ने किसी भी पर्वतारोही के कोरोना संक्रमित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ज्ञात हो कि नेपाल और चीन दोनों ने ही पिछले साल कोरोना शुरू होने के बाद से ही पर्वतारोहण पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब यह रोक हटा दी है।

नेपाल ने इस बार रिकॉर्ड विदेशियों को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए परमिट जारी किए हैं। चीन ने कहा है कि उसने 38 दलों को अनुमति दी है, इनसे कोविड गाइडलाइन का पूरा पालन कराया जा रहा है।


नेपाल में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, तमाकोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए जारी हुई चेतावनी

नेपाल में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, तमाकोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए जारी हुई चेतावनी

नेपाल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, डोलखा जिला प्रशासन (Dolakha district) ने तमाकोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। भूस्खलन ने रोंगक्सिया शहर (RongXia city) टिंगरी काउंटी (Tingri County)के पास नदी प्रणाली को क्षतिग्रस्त कर दिया है। यह अचानक बाढ़ का कारण बन सकता है।

बाढ़ में 11 लोगों की मौत, 25 लोग लापता

बता दें कि सिंधुपालचोक जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ ने 11 लोगों की जान ले ली है। वहीं, 25 लोगों के लापता हो चुके हैं। मृतकों में एक भारतीय और दो चीनी नागरिक शामिल हैं। तीनों मृतक विदेशी नागरिक हैं और ये एक चीन की कंपनी के लिए काम कर रहे थे।

जिला प्रशासन के मुताबिक तीनों मृतक इलाके में चल रही एक विकास परियोजना में श्रमिक के तौर पर काम कर रहे थे। मृतकों के शव जिले के मेलमची शहर के पास बरामद किए गए थे। इलाके में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया था। जिला अधिकारी बाबूराम खनाल के मुताबिक, तीनों मृतक विदेशी नागरिक थे और ये एक चीन की कंपनी के लिए काम कर रहे थे। जो पेयजल परियोजना के तहत काम पर लगी है।

वहीं नेपाल के गृह मंत्रालय ने गुरुवार देर रात पुष्टी की है कि, चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा से लगे पहाड़ी जिले सिंधुपालचोक और देश के अन्य हिस्सों में आई बाढ़ में 25 लोग लापता हैं। गौरतलब है कि नेपाल में आमतौर पर मानसून की बारिश जून के महीने में शुरू होती है और सितंबर के आखिरी तक चलती है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में हर साल बारिश के महीनों में हजारों लोगों की मौत होती है।