हिंदुस्तान व अमेरिका के बीच हाल में हुआ ये रक्षा समझौता

हिंदुस्तान व अमेरिका  के बीच हाल में हुआ ये  रक्षा समझौता

 हिंदुस्तान व अमेरिका (US) के बीच हाल में हुए रक्षा समझौतों ने पाक की बेचैनी बढ़ा दी है। उसने दोनों राष्ट्रों के बीच हुए करार पर चिंता जताते हुए बोला कि इससे क्षेत्र में हथियारों की होड़ बढ़ेगी। पाक विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में यह चिंता जताई।

उन्होंने बोला कि हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति की हिंदुस्तान यात्रा के दौरान दोनों राष्ट्रों के बीच हुए अरबों डॉलर के रक्षा करार पर पाक (Paksitan) को असहमति है। पाक कई बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में हथियारों की होड़ को लेकर अपनी चिंता जता चुका है।

फारूकी ने हिंदुस्तान के अंदरूनी मामलों में सीधा दखल देते हुए दिल्ली में हुई हिंसा का मामला भी उठाया। उन्होंने बोला कि वहां जिस तरह की हिंसा समुदाय विशेष के विरूद्ध हुई है, उस पर पाक व अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है। संयुक्त देश व धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी संस्थाओं ने अपनी चिंता स्पष्ट शब्दों मे जाहीर की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 'भारत बिना किसी उकसावे के नियंत्रण रेखा पर लगातार प्रयत्न विराम का उल्लंघन कर रहा है। बुधवार को भारतीय राजनयिक को तलब कर इस बारे में विरोध भी दर्ज कराया गया है। '

उन्होंने अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर बोला कि उम्मीद है कि अमेरिका व तालिबान के बीच करार होने के बाद अफगानिस्तान (Afghanistan) के संबद्ध पक्षों में भी वार्ता प्रारम्भ होगी। शांति प्रक्रिया में पाक हर तरह से मदद देगा। उन्होंने बोला कि पाक का अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में खास भूमिका है।