अल्वी: "भारत में मुस्लिमों में बढ़ रहा है डर"

अल्वी: "भारत में मुस्लिमों में बढ़ रहा है डर"

जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद अब नरेन्द्र मोदी सरकार ने बीते दिनों नागरिकता संशोधन अधिनियम 1955 को संसद में पारित कराया, जिसको लेकर पाक की बैचेनी फिर से बढ़ गई है.

 

पाकिस्तान के राष्ट्रपति डाक्टर आरिफ अल्वी ने बोला है कि हिंदुस्तान में नागरिकता अधिनियम, 1955 में हालिया संशोधन के तहत मुस्लिमों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर बांग्लादेश भी चिंतित है. अल्वी ने शुक्रवार को कहा, 'मैंने बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना वाजेद से बात की है. वह हिंदुस्तान के बिहार में मुस्लिमों को लेकर व उनके देश में प्रवासियों के आने के भय से चिंतित है.’

 

अल्वी ने यह बयान राष्ट्रपति भवन में शोरा परिषद के अध्यक्ष डाक्टर अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद बिन इब्राहिम अल-शेख की अध्यक्षता में सऊदी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मीटिंग के दौरान दिया.

भारत में मुस्लिमों में बढ़ रहा है डर: अल्वी

पाकिस्तानी मीडिया 'डॉन' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मिलान जहांगीर इकबाल ने बोला कि डाक्टर अल्वी ने बाकू में एक हालिया सम्मेलन में हसीना से वार्ता की थी, जहां उन्होंने हिंदुस्तान में नागरिकता अधिनियम में संशोधन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी.

बैठक में शामिल होने वाले एक सूत्र ने बोला कि अल्वी का यह मानना है कि संशोधन विधेयक के अंतर्गत, हिंदुस्तान में मुस्लिमों को नागरिकता बरकरार रखने के लिए अपने दादाओं की संपत्ति के प्रमाण दिखाने पड़ेंगे.

 

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है 'बांग्लादेश की प्रधानामंत्री हसीना को यह भय है कि अगर हिंदुस्तान सरकार द्वारा बिहार के मुस्लिमों पर किसी प्रकार की कार्रवाई की गई तो वे बांग्लादेश में आने की प्रयास करेंगे.’ अल्वी ने सऊदी अरब से हिंदुस्तान में मुस्लिमों के खिलाफ साजिश को उजागर करने का आग्रह किया है.