किम जोंग ने भी किया नैंसी पेलोसी का विरोध

किम जोंग ने भी किया नैंसी पेलोसी का विरोध

Nancy Pelosi: अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने जब ताइवान की यात्रा की तो चीन उनसे खफा रहा. अब जब नैंसी पेलोसी दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं तो उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन उनसे नाराज़ है. उत्तर कोरिया ने तो बकायदा अमेरिका को कड़े शब्दों में संदेश भी दे दिया है कि वह इसका उत्तर देगा.

दरअसल, उत्तर कोरिया ने शनिवार को अमेरिकी सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी की पनमुनजोम के एक गांव की यात्रा की निंदा की जो अंतर-कोरियाई संघर्ष विराम क्षेत्र में आता है. योनहॉप न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एक बयान में, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रेस और सूचना विभाग के महानिदेशक जो योंग-सैम ने एक बयान में पेलोसी की इस बात के लिए आलोचना की कि वो दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा के दौरान उत्तर कोरिया के विरूद्ध माहौल बना रही हैं.

दो दिवसीय दौरे पर आई हैं पेलोसी

ताइवान की यात्रा के बाद वह बुधवार से यहां दो दिवसीय दौरे पर आई हैं. उन्होंने नेशनल असेंबली के स्पीकर किम जिन-प्यो के साथ वार्ता की और राष्ट्रपति यूं सुक-योल से टेलीफोन पर बात की. इसके बाद पेलोसी ने विसैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) के अंदर पनमुनजोम के संयुक्त सुरक्षा क्षेत्र का दौरा किया. उत्तर कोरिया के अधिकारी ने प्योंगयांग द्वारा संचालित कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी को दिए गए बयान में कहा, यह “डीपीआरके के प्रति वर्तमान अमेरिकी प्रशासन की शत्रुतापूर्ण नीति” को प्रदर्शित करता है.

जो ने कहा, पेलोसी “अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए सबसे खराब हैं” और बोला कि अप्रैल में यूक्रेन की अपनी यात्रा के दौरान रूस के साथ विवाद के माहौल को उकसाया था, और ताइवान के अपने हालिया दौरे से चीन को क्रोधित किया. उन्होंने चेतावनी दी कि “उनके लिए यह सोचना एक खतरनाक गलती होगी कि वह कोरियाई प्रायद्वीप में बच के चली जाएंगी. वह जहां भी गईं, उनके द्वारा पैदा की गई कठिनाई के लिए अमेरिका को भुगतना पड़ेगा.

चीन ने तो दाग दी थीं मिसाइलें

ताइवान पर अपना दावा जताने वाले चीन ने पेलोसी की यात्रा को उकसावे की कार्रवाई बताया था और बोला था कि इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. चीन ने ताइवान को धमकाने के मकसद से गुरुवार को उसको चारों तरफ से घेरकर सेना अभ्यास प्रारम्भ कर दिया था और मिसाइलें भी दागी थीं. बता दें कि चीन पहले ही कह चुका है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह ताइवान पर हमला करके उसपर अतिक्रमण कर लेगा. कई जानकारों का मानना है कि हमला करने की सूरत में पेलोसी की ताइवान यात्रा को एक बहाने के रूप में उपयोग कर सकता है.