बच्चो की मालिश के लिए करें गर्म ऑयल का प्रयोग 

बच्चो की मालिश के लिए करें गर्म ऑयल का प्रयोग 

किसी भी नवजात शिशु के लिए सर्दी का मौसम चुनौती भरा होता है. ठंडे माहौल में वायरस व बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं व छोटे बच्चों को बीमार बनाते हैं. शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों से बहुत कम होती है, इसलिए उन पर इन वायरस व बैक्टीरिया का प्रभाव बेहद होता है. यही कारण है कि शिशुओं का ख्याल सर्दियों के दौरान ज्यादा रखना पड़ता है. छोटे बच्चों की स्कीन बहुत कोमल होती है. सर्द मौसम की ठंडी व शुष्क हवा उनकी स्कीन की नमी छीन सकती है, जिससे उन्हें कई तरह की स्कीन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए छोटे बच्चों के लिए स्कीन की देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है. 

छोटे बच्चों की स्कीन रखें दुरुस्त
स्नान 

वैसे तो शिशु को रोज नहलाना महत्वपूर्ण है, मगर यदि ठंड बेहद है, तो आप शिशु को हर दूसरे दिन नहला सकते हैं. गुनगुने पानी में सॉफ्ट एंटीबैक्टीरियल लिक्विड डालकर उसमें नर्म तौलिया भिगोंकर उनका शरीर साफ कर दें. मगर इस दौरान यह ध्यान रखें कि शिशु के कपड़े प्रतिदिन दिन में कम से कम 2 बार जरूर बदलें. ज्यादा समय तक एक ही वस्त्र पहनाने से उन्हें स्कीन संक्रमण होने कि सम्भावना है.

तेल से मालिश करें 
शिशु को नहलाने के बाद उनके शरीर की मालिश महत्वपूर्ण है. बच्चों की मालिश के लिए आप बादाम के तेल, ऑलिव के ऑयल या नारियल के ऑयल का प्रयोग कर सकते हैं. इन सभी तेलों में स्कीन को स्वस्थ रखने वाले पोषक तत्व होते हैं. इसके अतिरिक्त ये ऑयल स्कीन को नम रखते हैं. ध्यान दें कि बच्चों की गम्भीर स्कीन पर कभी भी मार्केट में मिलने वाले केमिकलयुक्त प्रोडक्ट्स का प्रयोग न करें.

ज्यादा गर्म पानी से न नहलाएं 
कई बार माताएं यह  गलती करती हैं कि ठंड के मौसम में शिशु को सर्दी-जुकाम के खतरों से बचाने के लिए बहुत गर्म पानी से नहला देती हैं. मगर आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि गर्म पानी शिशु की स्कीन के लिए खतरनाक होने कि सम्भावना है. गर्म पानी ठंडे मौसम में शरीर को अच्छा जरूर लगता है, मगर ये स्कीन की प्राकृतिक नमी को छीन लेता है. इसलिए सादे पानी में थोड़ा सा गर्म पानी मिलाकर, इसके तापमान को सामान्य कर लें, मगर बहुत गर्म न करें.

सही उत्पाद करें इस्तेमाल 
शिशुओं की स्कीन बड़ों से बहुत अलग होती है इसलिए उनकी स्कीन की जरूरतें भी अलग होती हैं. अगर आप शिशुओं की स्कीन पर बड़ों के लिए प्रयोग होने वाले उत्पादों का प्रयोग करेंगे, तो उनकी स्कीन को नुकसान पहुंच सकता है. मार्केट में बच्चों के लिए अलग से साबुन, क्रीम, पाउडर व मॉइश्चराइजर उपलब्ध होते हैं, जिनका प्रयोग आप शिशुओं के लिए कर सकते हैं. मगर यहां यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि किसी अच्छे व विश्वसनीय ब्रांड के ही प्रोडक्ट्स लें. मार्केट में बहुत सारे सस्ते बेबी उत्पाद आपको ऐसे भी मिलेंगे, जिनमें सुरक्षा गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है.

मॉइश्चराइजर हो सही 
प्रतिदिन दिन में कम से कम 2 बार शिशु की स्कीन को मॉइश्चराइज करने के लिए मॉइश्चराइजर लगाना भी महत्वपूर्ण है. शिशु के लिए उत्पाद खरीदते समय हमेशा इसके तत्वों को पढ़ लें. आपको बच्चों के लिए हमेशा प्राकृतिक उत्पादों को ही चुनना चाहिए. मॉइश्चराइजर के इस्तेमाल से स्कीन को नमी मिलती है व रुखेपन से छुटकारा मिलता है. मॉइश्चराइजर हल्के हाथों से लगाएंगे तो स्कीन नरम रहेगी.

- स्कीन का ख्याल रखना महत्वपूर्ण है, लेकिन इस पर ढेर सारी चीजें न लगाएं. कई बार तरह-तरह के लोशन, क्रीम, साबुन, शेम्पू नुकसानदायक हो सकते हैं. ज्यादा साबुन व शेम्पू से बच्चे की स्कीन ड्राय (सूखी) हो जाएगा व वह परेशान होगा.   

- बॉडी मसाज बहुत लाभकारी है. हल्की धूप में बच्चे को लिटाकर सरसों या किसी अन्य ऑयल से मालिश की जाए तो बच्चा स्वस्थ्य रहता है. 

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सर्दी से बचाने के लिए अपनाएं ये Tips 

- घर को गर्म रखने की प्रयास करें. तापमान में ज्यादा गिरावट आए तो बिजली से चलने वाले उपकरणों का प्रयोग कर सकते हैं. बच्चे के पास लड़की या अन्य कोई वस्तु न जलाएं. इसका धुआं उसे बीमार कर सकता है. 

- रात में बच्चे को सर्दी से बचाएं, लेकिन बेहद कंबल या रजाई उस पर न डालें. वह सरलता से सांस ले सके, इसका ख्याल रखें. कमरे का तापमान बढ़ाने की प्रयास करें व हल्का कंबल ओढ़ाएं. यही बात कपड़ों पर लागू होती है. नए कपड़े पहले पानी से धोएं, फिर पहनाएं.

- बच्चों में नाक बंद होने की समस्या आम है. चिकित्सक के बताए अनुसार नेज़ल नोज़ल ड्रॉप्स यानी नाक में डाली जाने वाली दवा जरूर रखें. 

- बच्चे का पेट दर्द कर रहा है या पेट साफ नहीं हो रहा है, अजवाइन देना लाभकारी होता है.

पहनाएं सारे गर्म कपड़े
बच्चों के कपड़े का सर्दियों में विशेष ध्यान रखें. कपड़े की थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चे को भारी पड़ सकती है. इसलिए जैसे ही मौसम बदले, बच्चे को गर्म कपड़े पहनाना प्रारम्भ कर दें. हल्की ठंड को नजरअंदाज ना करें व बच्चे को हमेशा मोजे पहना कर रखें.

मालिश के लिए करें गर्म ऑयल का प्रयोग 
मालिश से जहां बच्चे की मांस पेशियां मजबूत रहती हैं, वहीं इसके साथ बच्चों का शरीर गर्म भी रहता है. इसलिए सर्दी के मौसम में बच्चों की मालिश जरूर करें. मालिश करते समय गर्म ऑयल का इस्तेमाल करें.

ना खिलाएं ठंडी चीजें
सर्दी में भूल से भी बच्चे को ठंडी चीजें ना खिलाएं. अगर आपका बच्चा 7 माह से अधिक का है व वह खाना खाता है, तो उसे ठंडी चीजें न खिलाएं व साथ ही उसे बासी खाना या ठंडा खाना भी न दें.

बेहतर क्वालिटी के स्वेटर पहनाएं 
स्वेटर हमेशा अच्छी क्वालिटी का पहनाएं, क्योंकि वूलन से कभी-कभी स्कीन में एलर्जी हो जाती है.

घर के तापमान पर रखें ध्यान 
अक्सर ठंड में बचाने के लिए बच्चों को हीटर व ब्लोअर से गर्म कमरे में रखा जाता है. लेकिन ये आदत बच्चों के लिए अक्सर बीमारी की वजह बन जाती है. कमरे का तापमान हमेशा सामान्य होना चाहिए. अधिक गर्म वातावरण से अगर बच्चा सामान्य तापमान में जाता है तो उसे तुरंत सर्दी प्रभाव करती है.

बच्चे का बिस्तर रखें गर्म 
बच्चे का बिस्तर गर्म रखें. उसके सोने से पहले हॉट वॉटर बॉटल रखकर बिस्तर को गर्म कर लें. लेकिन ध्यान रहें कि बच्चे के सोने से पहले बॉटल वहां से हटा दें.

रोजाना पिलाएं दूध
एक वर्ष तक के बच्चों को मां के दूध के अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर फॉर्म्युला मिल्क (नैन, लैक्टोजन आदि) दें. इसके बाद दो वर्ष के बच्चों को फुल क्रीम दूध दें. यह आयु बच्चे के दिमाग व आंखों के विकास के लिहाज के बहुत ज्यादा अहम होती है.

फल भी खिलाएं
बच्चों को सीजनल सब्जियां दें. उन्हें सारे फल भी खिला सकते हैं. फल में हल्का नमक लगा कर खिलाने से सर्दी होने का खतरा नहीं रहता है. साथ ही शाम के समय फल ना खिलाएं. शाम के समय फल खिलाने से सर्दी लगने का खतरा रहता है. 

बच्चे को प्रतिदिन बादाम, काजू, किशमिश दे सकते हैं. इसके साथ ही दूध में केसर मिलाकर बच्चों को पिलाने से सर्दी में लाभकारी रहता है. बच्चे को प्रतिदिन अंडा भी खिलाएं. अंडे से आपके बच्चे का शरीर गर्म रहता है.  

रोजाना खिलाएं एक चम्मच च्यवनप्राश 
च्यवनप्राश सर्दी में बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होता है, इसलिए सर्दी में प्रतिदिन एक चम्मच बच्चे को च्यवनप्राश जरूर खिलाएं. बच्चे को हो सकें तो दूध में हल्दी मिलाकर भी पिलाएं.