मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय

मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय

आजकल लोग गलत खानपान के कारण कई पेट सम्बन्धी बिमारियों के शिकार हो जाते है। जिनमे से एक मुंह के छाले भी है जिनके कारण इंसान को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छाले होने के बाद इंसान खाने  परेशानी महसूस करने लगता है।

मुंह के छाले के उपचार :

# शहतूत: छाले होने पर शहतूत का शर्बत एक चम्मच एक कप पानी में मिलाकर गररे करने से लाभ होता है।

# धनिया: मुंह के छाले में धनिए का महीन चूर्ण , बोरेक्स अथवा खाने के सोडे में मिलाकर छालों में लगाने से लाभ होता है। इससे काफी लाभ होता है।

# तुलसी: तुलसी और चमेली के पत्ते चबाने से छाले ठीक हो जाते हैं। मुंह में जहां छाले हो चमेली के पत्तों को चबाकर रखें 2 मिनट बाद थूक दे। फिर पानी से कुल्ले कर लें। ऐसा करने से छालों में लाभ होता है।

# करेला: मुंह में छाले होने पर करेले के रस से कुल्ला करना चाहिए। करेले के रस को थोड़ा सा गर्म करके उसमें पिसी हुई फिटकरी डालकर कुल्ला करने से छाले ठीक हो जाती है।

# निंबू: निंबू को गर्म पानी में निचोड़कर  कुल्ले करें। छालो को ठीक करने के लिए अधिक मात्रा में नींबू का सेवन करें।

# हल्दी: 15 ग्राम पिसी हुई हल्दी 1 किलो पानी में उबालें। ठंडा होने पर उस पानी से सुबह शाम गरारे करने से लाभ होता है।


क्या केरल में कोविड-19 का चरम गुजर चुका है? नए मामलों पर एम्स प्रोफेसर ने कही ये बात

क्या केरल में कोविड-19 का चरम गुजर चुका है? नए मामलों पर एम्स प्रोफेसर ने कही ये बात

केरल में कोविड-19 संक्रमण मुद्दे पर राहत भरी समाचार आई है एम्स के प्रोफेसर ने बोला है कि कोविड-19 का ताजा चरम संभावित तौर पर समाप्त हो गया है और संक्रमण के नए मामलों में आनेवाले दो हफ्ते में कमी प्रारम्भ होनी चाहिए डॉक्टर संजय राय ने कहा, "शुरू के केरल में दो सीरो सर्वे से पता चलता है कि ज्यादातर आबादी को खतरा था लेकिन ताजा सीरो सर्वे बताता है कि वैक्सीन के कारण या संक्रमण से 46 फीसद आबादी में एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी है

'केरल में कोविड-19 का चरम संभावित तौर पर खत्म'

राज्य सरकार के किए गए तरीकों से केवल फैलाव कम होता है पिछले 2-3 महीनों में वायरस के फैलाव का डेटा देखा जाए, तो मालूम होता है कि केरल चरम से गुजर चुका है और अगले दो हफ्ते में मामलों की संख्या गिरनी चाहिए ठीक उत्तर-पूर्व की तरह केरल में भी अक्तूबर की आरंभ तक कोविड-19 के मामलों में गिरावट प्रारम्भ होना चाहिए "

'अगले दो हफ्ते में मामलों में भी होने लगेगी कमी'

एम्स जल्द ही हैदराबाद की कंपनी हिंदुस्तान बायोटेक की नैजल वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का मानव परीक्षण प्रारम्भ करेगा और एथिक्स कमेटी की जरूरी स्वीकृति हासिल करने के लिए आवेदन किया गया है डॉक्टर संजय राय हिंदुस्तान बायोटेक की इंट्रानासल वैक्सीन BBV154 क्लीनिकल ट्रायल के प्रिसिंपल इन्वेस्टिगर भी हैं उन्होंने कहा, “कहना है बहुत सरल है लेकिन हमारा मानना है कि भविष्य नैजल वैक्सीन के लिए उत्साहजनक है क्योंकि ये म्यूकोसा की इम्यूनिटी दे सकती है, तब संक्रमण की रोकथाम संभव है

ज्यादातर वैक्सीन संक्रमण को रोक पाने में सक्षम नहीं हैं, वो केवल गंभीरता को कम करती हैं नैजल वैक्सीन एथिकल स्वीकृति के लिए गई है और स्वीकृति मिलने के बाद हम परीक्षण प्रारम्भ करेंगे  बताते चलें कि मानव परीक्षण के चरण में जानेवाली एडेनोवायरल वैक्सीन हिंदुस्तान की पहली Covid-19 वैक्सीन है इस वैक्सीन के डोज लेने के लिए सुई की आवश्यकता नहीं होती बल्कि सुई के बजाए नाक से दी जाती है