महिलाओं को स्तन कैंसर से छुटकारा दिलाता है मशरूम

महिलाओं को स्तन कैंसर से छुटकारा दिलाता है मशरूम

मशरूम का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। मशरूम  कैंसर की रोकथाम से लेकर, हड्डियों को मजबूत करने, हृदय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है.वे सेलेनियम, पोटेशियम, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन डी और अन्य सहित महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं, जो उन्हें पोषक तत्वों और जैविक रूप से सक्रिय यौगिकों का एक मूल्यवान स्रोत बनाते हैं।

मशरूम के सेवन के फायदे:

# "मशरूम में जैविक रूप से सक्रिय यौगिकों, जैसे पॉलीफेनोल, पॉलीसेकेराइड, विटामिन, कैरोटेनॉइड और खनिज के कारण महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।" इसका मतलब यह है कि मशरूम का उपयोग एंटीऑक्सिडेंट रक्षा में सुधार करने के लिए किया जा सकता है।

# एक अध्ययन के अनुसार, ताजे और सूखे मशरूम के दैनिक सेवन के साथ-साथ एक स्वस्थ आहार और जीवनशैली भी महिलाओं में स्तन कैंसर के जोखिम को कम करती है।

# मशरूम का सेवन बीमार लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। इसके अलावा मशरूम में कोलेस्ट्रॉल को कम करने के क्षमता भी है।

# बैक्टीरिया और बीमारी के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए लोगों को पोषक तत्वों की पर्याप्त आपूर्ति की आवश्यकता होती है।


क्या केरल में कोविड-19 का चरम गुजर चुका है? नए मामलों पर एम्स प्रोफेसर ने कही ये बात

क्या केरल में कोविड-19 का चरम गुजर चुका है? नए मामलों पर एम्स प्रोफेसर ने कही ये बात

केरल में कोविड-19 संक्रमण मुद्दे पर राहत भरी समाचार आई है एम्स के प्रोफेसर ने बोला है कि कोविड-19 का ताजा चरम संभावित तौर पर समाप्त हो गया है और संक्रमण के नए मामलों में आनेवाले दो हफ्ते में कमी प्रारम्भ होनी चाहिए डॉक्टर संजय राय ने कहा, "शुरू के केरल में दो सीरो सर्वे से पता चलता है कि ज्यादातर आबादी को खतरा था लेकिन ताजा सीरो सर्वे बताता है कि वैक्सीन के कारण या संक्रमण से 46 फीसद आबादी में एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी है

'केरल में कोविड-19 का चरम संभावित तौर पर खत्म'

राज्य सरकार के किए गए तरीकों से केवल फैलाव कम होता है पिछले 2-3 महीनों में वायरस के फैलाव का डेटा देखा जाए, तो मालूम होता है कि केरल चरम से गुजर चुका है और अगले दो हफ्ते में मामलों की संख्या गिरनी चाहिए ठीक उत्तर-पूर्व की तरह केरल में भी अक्तूबर की आरंभ तक कोविड-19 के मामलों में गिरावट प्रारम्भ होना चाहिए "

'अगले दो हफ्ते में मामलों में भी होने लगेगी कमी'

एम्स जल्द ही हैदराबाद की कंपनी हिंदुस्तान बायोटेक की नैजल वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का मानव परीक्षण प्रारम्भ करेगा और एथिक्स कमेटी की जरूरी स्वीकृति हासिल करने के लिए आवेदन किया गया है डॉक्टर संजय राय हिंदुस्तान बायोटेक की इंट्रानासल वैक्सीन BBV154 क्लीनिकल ट्रायल के प्रिसिंपल इन्वेस्टिगर भी हैं उन्होंने कहा, “कहना है बहुत सरल है लेकिन हमारा मानना है कि भविष्य नैजल वैक्सीन के लिए उत्साहजनक है क्योंकि ये म्यूकोसा की इम्यूनिटी दे सकती है, तब संक्रमण की रोकथाम संभव है

ज्यादातर वैक्सीन संक्रमण को रोक पाने में सक्षम नहीं हैं, वो केवल गंभीरता को कम करती हैं नैजल वैक्सीन एथिकल स्वीकृति के लिए गई है और स्वीकृति मिलने के बाद हम परीक्षण प्रारम्भ करेंगे  बताते चलें कि मानव परीक्षण के चरण में जानेवाली एडेनोवायरल वैक्सीन हिंदुस्तान की पहली Covid-19 वैक्सीन है इस वैक्सीन के डोज लेने के लिए सुई की आवश्यकता नहीं होती बल्कि सुई के बजाए नाक से दी जाती है