चोट लगने पर घाव को भरने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

चोट लगने पर घाव को भरने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

कई बार जल्दबाजी में कोई काम करने से चोट लगती है। ये छोटी मोटी चोटों पर अआप ध्यान भी नहीं देते हैं। स्किन पर खरोंच आ जाती है या त्वचा कहीं भी छिल-कट जाती है। बच्चों के साथ तो आए दिन ऐसा होता रहता है। ये छोटी चोट भी काफी दर्द देती है लेकिन बच्चो की किसी भी छोटी सी चोट को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अपनाएं ये घरेलू नुस्खे:

# जब भी कहीं त्वचा कट या छिले जाए, तो उसके लिए एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें। यह हर घाव को जल्दी सुखाने में मदद करता है। एलोवेरा लेकर उसके बीच से जेल निकाल लें इस जेल को अपने घाव पर लगाएं।

# चोट लगने पर जब खून काफी निकले, तो टी बैग के यूज से खून निकलना बंद हो जाता है। इससे घाव भी जल्दी भरता है।

# हल्दी तो कई रोगों का रामबाण इलाज है। यह एक नेचुरल एंटीसेप्टिक होती है। यह घाव में होने वाले इंफेक्शन को फैलने नहीं देती है। चोट पर हल्दी का लेप लगाने से काफी असरदार होता है।

# त्वचा यदि छिल गई है, तो उसे पहले पानी से साफ कर लें। अब उसके ऊपर शहद लगाएं। ये काफी असरदार होता है। इसके अलावा, शहद लगाने से चोट में सूजन भी नहीं आती है।


क्या केरल में कोविड-19 का चरम गुजर चुका है? नए मामलों पर एम्स प्रोफेसर ने कही ये बात

क्या केरल में कोविड-19 का चरम गुजर चुका है? नए मामलों पर एम्स प्रोफेसर ने कही ये बात

केरल में कोविड-19 संक्रमण मुद्दे पर राहत भरी समाचार आई है एम्स के प्रोफेसर ने बोला है कि कोविड-19 का ताजा चरम संभावित तौर पर समाप्त हो गया है और संक्रमण के नए मामलों में आनेवाले दो हफ्ते में कमी प्रारम्भ होनी चाहिए डॉक्टर संजय राय ने कहा, "शुरू के केरल में दो सीरो सर्वे से पता चलता है कि ज्यादातर आबादी को खतरा था लेकिन ताजा सीरो सर्वे बताता है कि वैक्सीन के कारण या संक्रमण से 46 फीसद आबादी में एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी है

'केरल में कोविड-19 का चरम संभावित तौर पर खत्म'

राज्य सरकार के किए गए तरीकों से केवल फैलाव कम होता है पिछले 2-3 महीनों में वायरस के फैलाव का डेटा देखा जाए, तो मालूम होता है कि केरल चरम से गुजर चुका है और अगले दो हफ्ते में मामलों की संख्या गिरनी चाहिए ठीक उत्तर-पूर्व की तरह केरल में भी अक्तूबर की आरंभ तक कोविड-19 के मामलों में गिरावट प्रारम्भ होना चाहिए "

'अगले दो हफ्ते में मामलों में भी होने लगेगी कमी'

एम्स जल्द ही हैदराबाद की कंपनी हिंदुस्तान बायोटेक की नैजल वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का मानव परीक्षण प्रारम्भ करेगा और एथिक्स कमेटी की जरूरी स्वीकृति हासिल करने के लिए आवेदन किया गया है डॉक्टर संजय राय हिंदुस्तान बायोटेक की इंट्रानासल वैक्सीन BBV154 क्लीनिकल ट्रायल के प्रिसिंपल इन्वेस्टिगर भी हैं उन्होंने कहा, “कहना है बहुत सरल है लेकिन हमारा मानना है कि भविष्य नैजल वैक्सीन के लिए उत्साहजनक है क्योंकि ये म्यूकोसा की इम्यूनिटी दे सकती है, तब संक्रमण की रोकथाम संभव है

ज्यादातर वैक्सीन संक्रमण को रोक पाने में सक्षम नहीं हैं, वो केवल गंभीरता को कम करती हैं नैजल वैक्सीन एथिकल स्वीकृति के लिए गई है और स्वीकृति मिलने के बाद हम परीक्षण प्रारम्भ करेंगे  बताते चलें कि मानव परीक्षण के चरण में जानेवाली एडेनोवायरल वैक्सीन हिंदुस्तान की पहली Covid-19 वैक्सीन है इस वैक्सीन के डोज लेने के लिए सुई की आवश्यकता नहीं होती बल्कि सुई के बजाए नाक से दी जाती है