दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ मोबाइल सेवाओं से जुड़ी 5 करोड़ से अधिक शिकायतें प्राप्त

दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ मोबाइल सेवाओं से जुड़ी 5 करोड़ से अधिक शिकायतें प्राप्त

दूरसंचार कंपनियों के विरूद्ध मोबाइल सेवाओं से जुड़ी 5 करोड़ से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं

  • एयरटेल के विरूद्ध शिकायतों की संख्या 2,99,68,519 थी जो कि कुल शिकायतों का 54 फीसदी है
  • रिलायंस जियो के विरूद्ध ऐसी शिकायतों की संख्या 25.8 लाख थी

देश जल्द ही 5जी की दुनिया में कदम रखने जा रहा है. लेकिन मौजूदा 4जी नेटवर्क को लेकर लोगों की कठिनाई समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही है. आम यूजर्स की शिकायतों के अंबार से तो यही पता चलता है. टेलिकॉम कंपनियों से जुड़ी ये शिकायतें हजारों या लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में है. वित्त साल 2021-22 के दौरान दूरसंचार कंपनियों के विरूद्ध मोबाइल सेवाओं से जुड़ी 5 करोड़ से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं हैं. यहां खराब नेटवर्क, खराब ग्राहक सेवा जैसे ग्राहकों से जुड़े सबसे अहम हैं. 

AirTel के ग्राहक सबसे दुखी

देश में सरकारी कंपनी BSNL को छोड़ दें तो केवल तीन कंपनियां ही टेलिकॉम सेक्टर में है. यहां भी कद्दावर कंपनी Airtel का हाल सबसे अधिक खराब है. टेलिकॉम कंपनियों से जुड़ी 5 करोड़ शिकायतों में आधी तो केवल Airtel के विरूद्ध प्राप्त हुई हैं. एयरटेल के विरूद्ध शिकायतों की संख्या 2,99,68,519 थी. गवर्नमेंट से मिले डेटा के अनुसार अकेले एयरटेल के ही विरूद्ध लगभग 54 फीसदी शिकायतें मिलीं. इसके बाद शिकायतों के मुद्दे में Vodafone Idea का जगह है. 

सभी कंपनियां हमाम में नंगी

ग्राहकों को दुखी करने में एयरटेल अकेली नहीं है, बल्कि सभी कंपनियों के ग्राहक सेवाओं से त्रस्त हैं. संचार राज्य मंत्री देवूसिंह चौहान ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में साल 2021-22 के दौरान मोबाइल सेवाओं से संबंधित विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के विरूद्ध मिली शिकायतों का आंकड़ा दिया. इसके मुताबिक एयरटेल के बाद सबसे खराब स्थिति वोडाफोन-आइडिया की है. इसके विरूद्ध 2,17,85,460 शिकायतें आई थीं. रिलायंस जियो के विरूद्ध ऐसी शिकायतों की संख्या 25.8 लाख थी. कुल मिलाकर, 2021-22 के दौरान कम्पलेन केंद्रों पर दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से कंज़्यूमरों ने लगभग 5.5 करोड़ शिकायतें दर्ज कराई थीं. 

क्या BSNL और MTNL पाक साफ?

सरकारी स्वामित्व वाली बीएसएनएल (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के विरूद्ध शिकायतों की संख्या क्रमशः 8.8 लाख और 48,170 रही थी. चौहान ने कहा, ‘‘ग्राहक हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से कम्पलेन केंद्रों पर प्राप्त शिकायतों का निवारण संबंधित सेवा प्रदाता द्वारा किया जाता है.’’ 

क्या करें ग्राहक

चौहान ने बताया कि यदि सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा शिकायतों का निवारण नहीं किया जाता है, तो ऐसे में शिकायतकर्ता दूरसंचार विभाग की जन कम्पलेन इकाई से संपर्क कर सकते हैं. इस प्रकार प्राप्त सभी शिकायतों की नज़र और निवारण केंद्रीकृत लोक कम्पलेन निवारण और नज़र प्रणाली (सीपीग्राम्स) पोर्टल के माध्यम से किया जाता है. मंत्री ने कहा, ‘‘सीपीग्राम्स पोर्टल के जरिये साल 2021-22 के दौरान प्राप्त शिकायतों की संख्या 58,911 थी, जिनमें से 58,224 का निवारण किया गया.’’