निर्यातकों को सस्ती दरों पर लोन मुहैया कराने का काम हुआ शुरू

निर्यातकों को सस्ती दरों पर लोन मुहैया कराने का काम हुआ शुरू

निर्यातकों को सस्ती दरों पर लोन मुहैया कराने के लिए सरकार जल्द ही निर्भीक योजना की घोषणा कर सकती है. निर्यातकों की लागत को कम करने एवं उन्हें सस्ती दरों पर लोन मुहैया कराने के लिए इस वर्ष बजट में निर्भीक स्कीम प्रारम्भ करने का एलान किया गया था. इस योजना

को शुरुआत करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. 25 फरवरी को औद्योगिक संगठन फिक्की के एक प्रोग्राम के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जल्द ही निर्यातकों के लिए इस योजना को शुरुआत करने का इशारा दिया था.

नई योजना निर्भीक नाम से न्यू एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस स्कीम होगी जो एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन (ईसीजीसी) के तहत क्रियान्वित होगी. निर्भीक के तहत अपने लोन की बीमा राशि पर पहले के मुकाबले कम प्रीमियम देना होगा. निर्यातकों को पहले के मुकाबले अधिक कवर दिया जाएगा.

अभी बीमा गारंटी के तहत निर्यात के लिए बैंक से मिलने वाले लोन के 60 फीसद मूलधन व ब्याज को कवर किया जाता है, जिसे बढाकर 90 फीसद किया जाएगा. निर्यातकों के मुताबिक यह सुविधा मिलने से लोन देने वाले बैंकों का जोखिम कम हो जाएगा.

अगर निर्यातकों को खरीदार से पैसा वापस नहीं मिलता है या किसी अन्य कारणों से लोन लेने वाला निर्यातक लोन नहीं चुका पाता है तो भी बैंक को लोन की 90 फीसद राशि वापस मिल जाएगी. ऐसे में बैंकों को अपनी ब्याज दरों को कम करने में कोई परेशानी नहीं होगी.

निर्भीक स्कीम के तहत निर्यातकों के लिए विदेशी मुद्रा में मिलने वाले लोन की दर 4 फीसद तो घरेलू मुद्रा में मिलने वाले लोन की दर 8 फीसद से कम रह सकती है. इस योजना के लागू होने से निर्यातकों की वकिर्ंग कैपिटल बढ़ जाएगी व कम दर पर लोन मिलने से उनकी लागत में भी कमी आएगी. निर्भीक योजना के तहत दावे का निपटारा करने के लिए आसान प्रRियाओं का भी प्रावधान किया गया है.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर ले जाने के लिए निर्यात को हर हाल में बढ़ाना होगा व इसके लिए निर्यात की प्रतिस्पर्धा क्षमता में बढ़ोतरी करनी होगी. पिछले दो माह से निर्यात में गिरावट हो रही है.