डॉलर के मुकाबले इतने के स्तर पर खुला रुपया 

डॉलर के मुकाबले इतने  के स्तर पर खुला रुपया 

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस ने अब कहर बरपाना प्रारम्भ कर दिया है. दुनिया भर के शेयर बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है. हजारों लोगों की जान ले चुके कोरोना वायरस के कहर का प्रभाव अब मार्केट में भी दिखने लगा है. अमेरिकी व यूरोपीय बाजारों में भारी गिरावट की

वजह से शुक्रवार को एशियाई मार्केट भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे. इसका प्रभाव भारतीय मार्केट पर ऐसा हुआ कि मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये डूब गए. अमेरिका का शेयर बाजार 2008 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. इससे पहले अमेरिका शेयर बाजार 2008 में मंदी के दौर में सबसे बुरे दौर से गुजरा था. डाऊजोंस में एक दिन में सबसे बड़ी 1,191 अंक की गिरावट दर्ज की गई. डाउजोंस 4 फीसद टूट गया.

खुलते ही सेंसेक्स 1000 अंक टूटा 

आज शेयर मार्केट खुलते ही सेंसेक्स 1000 अंक टूट चुका है. निफ्टी 251.30 अंक लुढ़क चुका है. मार्केट खुलने के 5 मिनट के अंदर ही सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 38,661.81 पर आ गया. सबसे ज्यादा गिरावट टेक हिंद्रा व टाटा स्टील के शेयरों में देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स के सभी 30 शेयर आज लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. वहीं निफ्टी 50 में भी कोई स्टॉक हरे निशान पर कारोबार नहीं कर रहा है.

डॉलर के मुकाबले आज रुपये में भी भारी गिरावट देखने को मिली. आज रुपया 38 पैसे की गिरावट के बाद 71.93 के स्तर पर खुला. पिछले कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 71.55 के स्तर पर बंद हुआ था.

क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट

डब्ल्यूटीआई क्रूड व ब्रेंट क्रूड में करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है. WTI Crude व ब्रेंट क्रूड में क्रमश: 46.50 डॉलर प्रति बैरल व 51.50 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार दर्ज किया जा रहा है. गुरुवार को MCX पर कच्चा ऑयल मार्च वायदा 176 रुपये की जोरदार गिरावट के साथ 3,370 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.

कम रह सकती है जीडीपी ग्रोथ रेट

सरकार शुक्रवार को दिसंबर में खत्म तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी करेगी. विशेषज्ञों का अनुमान है कि चौथी तिमाही में भी ग्रोथ रेट कम रह सकती है. अनुमान के मुताबिक ग्रोथ रेट 5% के इर्द-गिर्द ही रहेगी. उनका बोलना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रभाव अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है. पिछले वित्त साल की समान अवधि में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.6% थी. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी वित्त साल 2020-21 के लिए विकास दर 6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है. इस महीने हुई मौद्रिक समीक्षा मीटिंग में भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्रोथ रेट 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. वहीं एसबीआई, इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट का बोलना है कि प्रमुख इंडीकेटर के आधार पर तीसरी तिमाही में ग्रोथ रेट 4.5% रह सकती है.

गुरुवार का हाल

शुरुआती कारोबार में एक समय सेंसेक्स 440 व निफ्टी 135 अंकों का गोता लगाने के बाद आखिकरकार संभल गया व यह गिरावट मार्केट बंद होते-होते बहुत ज्यादा कम हो गई. गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 143.30 अंकों की गिरावट के बाद 39,745.66 के स्तर पर बंद हुआ तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 45.20 अंक लुढ़ककर 11,633.30 के स्तर पर बंद हुआ. जहां तक महान शेयरों की बात करें तो आज एनटीपीसी, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, बजाज ऑटो, टेक महिंद्रा, रिलायंस इडस्ट्रीज, आईटीसी, इन्फोसिस लाल निशान के साथ बंद हुए. वहीं सन फार्मा, टाइटन, एशियन पेंट, कोटक महिंद्रा बैंक व भारत यूनिलीवर के स्टॉक फायदे में रहे.

कच्चा ऑयल भी टूटा

वहीं वैश्विक मार्केट में कच्चे ऑयल का भाव बृहस्पतिवार को चार फीसदी से अधिक लुढ़क गया. कारोबारियों को संभावना है कि कोरोना वायरस का प्रभाव खासतौर से प्रमुख उपभोक्ता देश चाइना से कच्चे ऑयल की मांग पर पड़ सकता है.  अप्रैल डिलिवरी के लिये ब्रेंट कच्चे ऑयल का भाव 4.2 फीसदी लुढ़ककर 51.20 डॉलर प्रति बैरल जबकि न्यूयार्क का डब्ल्यूटीआई (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) कच्चे ऑयल का भाव इसी महीने के लिये करीब 5 फीसदी टूटकर 46.31 डॉलर पर आ गया.