HCL की रोशनी नडार हैं देश की सबसे धनवान महिला, बॉयोकॉन की किरण मजूमदार शॉ दूसरे नंबर पर, जानें और कौन-कौन है इस लिस्ट में शुमार

HCL की रोशनी नडार हैं देश की सबसे धनवान महिला, बॉयोकॉन की किरण मजूमदार शॉ दूसरे नंबर पर, जानें और कौन-कौन है इस लिस्ट में शुमार

मुंबई। दिग्गज आईटी कंपनी HCL Technologies की रोशनी नडार मल्होत्रा देश की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में शीर्ष पर हैं। उनके पास 54,850 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसके बाद बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ का स्थान आता है। उनके पास 36,600 करोड़ रुपये की संपत्ति हैं। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है। हुरुन इंडिया और कोटक वेल्थ द्वारा तैयार रिपोर्ट के मुताबिक कम-से-कम 100 करोड़ रुपये के नेटवर्थ वाली 100 धनकुबेरों की सूची में 31 महिलाएं 'सेल्फ-मेड' श्रेणी की हैं। इनमें छह प्रोफेशनल मैनेजर और 25 उद्यमी हैं। 

'सेल्फ-मेड' श्रेणी में शॉ पहले स्थान पर हैं। इसके बाद 11,590 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ Zoho की राधा वेम्बु का स्थान आता है। इस लिस्ट में 10,220 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ जयश्री उलाल तीसरे स्थान पर हैं।  

यहां दिलचस्प यह है कि शॉ, उलाल और वेम्बु तीनों के नाम हुरुन द्वारा तैयार वैश्विक सूची में भी हैं।  

इस रिपोर्ट के मुताबिक इस सूची में शामिल महिलाओं की औसत आयु 53 वर्ष है। वहीं, इनमें 40 वर्ष से कम आयु की 19 महिलाएं शुमार हैं।  

इस लिस्ट में Nykaa की फाल्गुनी नैयर शामिल हैं। उनकी संपत्ति 5,410 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें Byju की दिव्या गोकुलनाथ शामिल हैं। उनके पास 3,490 करोड़ रुपये की संपत्ति है।  

देश की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में कुछ परिवारों की एक से ज्यादा महिला उद्यमी शामिल हैं। इस लिस्ट में Apollo Hospitals Enterprise की चार महिलाएं और गोदरेज समूह की तीन महिलाएं शामिल हैं। 

इस रिपोर्ट के मुताबिक इस सूची में शामिल महिला धनकुबेरों में फार्माश्यूटिकल बिजनेस से जुड़ी 13 महिलाएं, टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री से जुड़ी 12 महिलाओं और हेल्थ केयर से जुड़ी नौ महिलाओं को स्थान मिला है। 


जल्दी हटाईये इसे, लोन देने वाले 453 ऐप्स को गूगल ने किया बैन

जल्दी हटाईये इसे, लोन देने वाले 453 ऐप्स को गूगल ने किया बैन

नई दिल्ली: आम आदमी हो या ख़ास सबको कभी न कभी लोन की जरूरत पड़ती है। लोन उपलब्ध कराने के वाले ऐसे बहुत सारे ऐप्स हैं जो बड़े आसानी से लोन उपलब्ध कराते हैं। कुछ ऐप्स इस काम में धोकेबाजी भी करते हैं। गूगल ने पर्सनल लोन देने वाले 453 ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है। बता दें कि ये ऐप्स कंपनी की यूजर सेफ्टी पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे। इनके जरिए लोन लेने वाले यूजर के डेटा से छेड़खानी भी की जा रही थी।

यूजर की सेफ्टी हमारे लिए सबसे ऊपर-गूगल
गूगल ने बताया कि यूजर की सेफ्टी हमारे लिए सबसे ऊपर है। अगर इन्हें किसी अन्य प्लेटफॉर्म से इन्स्टॉल किया जाता है, तो डेटा सिक्योरिटी को लेकर गूगल जिम्मेदार नहीं होगा। गूगल ने ऐसे ऐप्स की लिस्ट जारी नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक लिस्ट वायरल हो रही है, जिसमें ऐसे 453 ऐप्स दिए गए हैं और ये प्ले स्टोर पर ओपन भी नहीं हो रहे हैं।

यूजर को सभी तरह की जानकारी देनी होगी-गूगल
गूगल की पॉलिसी के मुताबिक, पर्सनल लोन देने वाले ऐप्स को यूजर को सभी तरह की जानकारी देनी होगी। जैसे- पेमेंट की मिनिमम और मैक्सिमम समय-सीमा क्या है? अधिकतम ब्याज दरें क्या हैं? ग्राहकों को ये बताना होगा कि लोन की कुल लागत कितनी होगी? लोन के फीचर्स, फीस, रिस्क और बेनिफिट्स के बारे में ट्रांसपेरेंसी रहे, ताकि लोग सही फैसला ले सकें।

लिस्ट में इन लोन ऐप्स के नाम हैं…पर्सनल और इंस्टेंट लोन वाले चुनिंदा ऐप्स की लिस्ट
कैश

VN कार्ड

मनी मोर

मनी फॉर पीपुल

वन लोन

कैश ऑन

क्रेडिट

कैश गुरु

रूपी क्लिक

कैश नाउ

कैच कैश

क्रेडी मी

क्रेडिट बस

ईजी क्विक

कैश काऊ

फ्लैक्स सैलेरी

वर्ल्ड मनी

रूपी प्लस

फास्ट रूपी

कैश बाजार

लोन

ईजी

वी कैश

कैश बाउल फोन

एक ऐप भारत इंस्टेंट लोन, 10 हजार से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट में एक ऐप भारत इंस्टेंट लोन भी है। हालांकि, इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से अब भी इन्स्टॉल किया जा सकता है। इसे अब तक 10 हजार से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया है। वहीं, 260 यूजर्स ने इसे 5 में से 3.1 स्टार रेटिंग दी है। ज्यादातर यूजर्स ने रिव्यू के दौरान इसकी सर्विस को अच्छा नहीं बताया।

ऐप ने लोन से जुड़ी डिटेल मेंशन की है। जैसे-
-लोन अमाउंट: 10,000 रुपए मैक्सिमम

-लोन टर्म्स: 91 दिन (कम दिन, एक्सटेंड टाइम के साथ) – 365 दिन (अधिक दिन, एक्सटेंड टाइम के साथ)

-मैक्सिमम APR: 36%

-ट्रांजेक्शन फीस: नहीं

-प्रोसेसिंग फीस: 10%

-डॉक्युमेंट्स: पैन कार्ड, आधार नंबर, फोटो, अकाउंट डिटेल।

उदाहरण: यदि आप 5,000 रुपए का लोन एक साल के लिए लेते हैं, तब इस पर कुल ब्याज 5000 रुपए X 36% = 1800 रुपए होगा।
प्ले स्टोर पर पर्सनल लोन के कई ऐप्स

गूगल पर अभी भी पर्सनल लोन देने वाले ऐसे कई ऐप्स मौजूद हैं। जैसे ही प्ले स्टोर पर LOAN लिखकर सर्च किया जाता है, तो लंबी लिस्ट खुल जाती है। इनमें सरकारी ऐप्स के साथ कई प्राइवेट बैंक और फर्म के ऐप्स भी शामिल हैं।

ऐप्स लोन के चलते किसी ने सुसाइड किया, तो किसी को बदनाम किया गया
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टेंट लोन ऐप्स की वजह से कुछ सुसाइड के मामले भी सामने आए हैं। वहीं, दिसंबर में इंस्टेंट मनी लेंडिंग ऐप घोटाले में हैदराबाद और गुड़गांव से 19 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

केस नंबर-1
तेलंगाना में लॉकडाउन के दौरान 28 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी नौकरी खो दी थी। उसने कर्ज लिया, लेकिन चुका नहीं पाया। ऐसे में कर्ज चुकाने के लिए किसी ऐप से इंस्टेंट लोन लिया। जब ऐप का लोन नहीं चुका पाया, तब रिकवरी एजेंट उसके पीछे लग गए। उसे बार-बार मैसेज भेजने लगे। उसके कॉल लिस्ट के लोगों को फोन करने लगे। परेशान होकर उसने दिसंबर में सुसाइड कर लिया।

केस नंबर-2
इंदौर की एक महिला ने ऐप से 20,000 रुपए का लोन लिया था। जब लोन की EMI मिस हो गई, तो उसे परेशान करना शुरू कर दिया गया। उसके फोटो को शेयर किए जाने लगे। धमकी दी गई कि कलेक्शन के लिए एजेंट को घर भेजेंगे। पुलिस से भी शिकायत करेंगे। उन्होंने महिला की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को भी परेशान किया।

प्ले स्टोर पर ऐप्स को लेकर RBI सर्टिफिकेट जरूर देखें
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का कहना है कि लोन देने वाली किसी लिस्टेड वेबसाइट या उसके ऐप पर जाते हैं, तब यह जरूर देखें कि वो RBI से रजिस्टर्ड है। या फिर RBI से रजिस्टर्ड किसी बैंक या NBFC के साथ काम कर रहा है। लोने देने वाली सभी कंपनियों को अपनी कंपनी पहचान संख्या (CIN) और सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) को साफ तौर पर दिखाना होगा।

ऐप्स को हटाने के पहले नोटिस भी नहीं दिया जाएगा- गूगल
गूगल ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि कंपनी ऐप्स का रिव्यू करना जारी रखेगी। जिन ऐप्स को यूजर की सेफ्टी पॉलिसी का उल्लंघन करते पाया जाएगा, उन्हें तुरंत हटा दिया जाएगा। ऐप्स को हटाने के पहले नोटिस भी नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले सभी ऐप्स पर कार्रवाई होगी। कंपनी उन एजेंसियों की मदद करना जारी रखेगी, जो फर्जी पर्सनल लोन ऐप्स के जांच का काम कर रही हैं।

दूसरी तरफ, लोन ऐप के जरिए उत्पीड़न की घटनाओं के बीच RBI ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया है। यह ग्रुप डिजिटल लेंडिंग के व्यवस्थित विकास के लिए सुझाव देगा। पिछले महीने RBI ने लोगों को अनधिकृत डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के झांसे में नहीं आने के लिए चेताया था।


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