IPL 2020 के लिए बालाजी ने एमएस धोनी के साथ की थी ट्रेनिंग

IPL 2020 के लिए बालाजी ने एमएस धोनी के साथ की थी ट्रेनिंग

नई दिल्ली: महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स (Chennai Superkings) की टीम तीन बार भारतीय प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम कर चुकी है। यहां तक कि पिछले वर्ष हुए टूर्नामेंट में भी चेन्नई की टीम को मुंबई इंडियंस के हाथों बेहद रोमांचक फाइनल में मात मिली थी। धोनी आईपीएल के इस सीजन के लिए भी जमकर तैयारी कर रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते बीसीसीआई (BCCI) को टूर्नामेंट को टालने का निर्णय लेना पड़ा। चेन्नई सुपरकिंग्स के ट्रेनिंग कैंप में धोनी के साथ लक्ष्मीपति बालाजी (lakshmipathy balaji) भी तैयारियों में जुटे थे। अब बालाजी ने धोनी के साथ की गई ट्रेनिंग के अनुभव को लेकर अपने विचार साा किए हैं।

इंडिया टुडे से वार्ता में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी (lakshmipathy balaji) ने बोला कि महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) भविष्य के बारे में अधिक नहीं सोचते। वो एक बार में एक वस्तु पर फोकस करते हैं। उन्होंने साथ ही बोला कि धोनी आईपीएल 2020 के लिए भी अच्छा उसी जुनून व जज्बे के साथ तैयारियों में जुटे थे, जैसे कि दो वर्ष पहले जुटा करते थे।

न धोनी का रूटीन बदला व न ही मानसिकता
रिपोर्ट के अनुसार, लक्ष्मीपति बालाजी (lakshmipathy balaji) ने कहा, एमएस धोनी (MS Dhoni) शानदार दिख रहे हैं। वो फिट हैं व उसी तरह ट्रेनिंग कर रहे हैं, जैसे कि करते आए हैं। उतने ही सामान्य दिख रहे हैं, जितने कि हमेशा नजर आते हैं। जहां तक धोनी की तैयारियों का सवाल है तो उसमें किसी तरह का परिवर्तन नहीं आया है। न तो उनका रूटीन ही बदला है व न ही मानसिकता। सब कुछ वही है। धोनी आईपीएल की तैयारियों को लेकर एकाग्रचित थे। वह वर्तमान में जीने वाले इंसान हैं।

कमियां सुधारने पर कार्य किया
भारतीय टीम (Indian Team) के पूर्व तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी (lakshmipathy balaji) ने चेन्नई सुपरकिंग्स के कैंप को लेकर कई व बातें बताईं। उन्होंने कहा, हमने फरवरी व मार्च में दो कैंप लगाए। इनमें हमने फिटनेस को लेकर तैयारी की, तकनीक पर कार्य किया। हमने इन ट्रेनिंग कैंप में अपनी कमियों को सुधारने की प्रयास की। सभी खिलाड़ी आईपीएल प्रारम्भ होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दुर्भाग्य से हमें तैयारियों को रोकना पड़ा। मगर ये वक्त की मांग थी।