सोनाक्षी: "जो देवी की तरह पूजी जाती हैं, उन्हें हक के लिए लड़ना पड़ता है"

सोनाक्षी: "जो देवी की तरह पूजी जाती हैं, उन्हें हक के लिए लड़ना पड़ता है"

हिंदुस्तान की बेटी नहीं बनना चाहता. इतना ही नहीं उन्होंने निर्भया मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने बोला कि ऐसी घटनाएं बार बार रिपीट क्यों हो रही हैं. वैसे एक्ट्रेस सलमान खान के साथअपनी आगामी फिल्म 'दबंग 3' के प्रमोशन में व्यस्त हैं. यह फिल्म 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

देश में लगातार सामने आ रही दुष्कर्म व यौन हिंसा की खबरों पर सोनाक्षी ने बोला कि पता नहीं ऐसे लोगों की क्या सोच होती है, यह सब बहुत ही भयंकर है. उन्होंने बोला कि देश में कहीं भी लड़कियां सेफ नहीं हैं, अगर ऐसा ही रहा तो अब कोई भी देश की बेटी नहीं बनेगी. वहीं महिला सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने बोला कि वक्त बदल रहा है औरतें अपने हक के लिए हर क्षेत्र में आवाज उठाने लगी हैं.

"जो देवी की तरह पूजी जाती हैं, उन्हें हक के लिए लड़ना पड़ता है"
सोनाक्षी ने बताया कि हमारे देश में लड़कियों को देवियों की तरह पूजा जाता, लेकिन हैरानी की बात है देवियों को ही अपने हक के लिए लड़ना पड़ता है. उन्होंने हैदराबाद काण्ड पर भी जमकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बोला कि दिल्ली में हुए निर्भया मुद्दे को हुए सात वर्ष हो चुके हैं, लेकिन फिर भी इस तरह की भयानक घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने बोला कि अगर देश में इन घटनाओं के विरूद्ध कदम उठाए जा रहे हैं तो यह सब बार-बार क्यों हो रहा है.

गौरतलब है कि सोनाक्षी ने बॉलीवुड में कई फीमेल लीड भूमिका निभाए हैं. वे 'अकीरा', 'हैप्पी फिर भाग जाएगी', 'नूर' जैसी फिल्मों का भाग रह चुकी हैं. वुमन सेंटरिक फिल्मों के टैग पर उन्होंने बोला था कि मैं चाहती हूं कि एक फिल्म को फिल्म की तरह ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि जब सलमान खान या अक्षय कुमार फिल्म बनाते हैं तो कोई नहीं कहता कि यह मेल सेंटरिक फिल्म है. फिल्म 'खानदानी शफाखाना' को लेकर उन्होंने बोला कि मैं चाहती हूं कि इस फिल्म को महिला द्वारा लीड भूमिका निभाई गई फिलम बुलाएं.