RCP सिंह ने दो जगहों पर ही 40 बीघा जमीन खरीदी,अब देना होगा हिसाब

RCP सिंह ने दो जगहों पर ही 40 बीघा जमीन खरीदी,अब देना होगा हिसाब

पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक समय सीएम नीतीश कुमार के बहुत करीबी रहे आरसीपी सिंह पर उनकी ही पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए नोटिस भेजा है आरसीपी सिंह पर जदयू में रहते हुए अकूत संपत्ति बनाने का आरोप है RCP सिंह पर वर्ष 2013-2022 तक प्रॉपर्टी अर्जित करने का आरोप है जिसमें नालंदा जिले के दो प्रखंडों में खरीदी गई 40 बीघा जमीन भी शामिल है वहीं आरसीपी सिंह पर जमीन को दान में लेने का आरोप लगा है इन संपत्तियों का चुनावी हलफनामे में जिक्र नहीं किया गया था सबसे खास बात ये है कि RCP सिंह की संपत्ति का ब्योरा जेडीयू के ही नेताओं ने जुटाया है

जेडीयू ने यहां तक आरोप लगाया है कि आरसीपी सिंह ने अपनी पत्नी के नाम में हेरफेर कर जमीन खरीदी है सबूत के साथ यह बात सामने आई है कि आरसीपी सिंह और उनके परिवार ने 2013 से अब तक अकूत संपत्ति बनाई है कुछ पत्नी के नाम तो कुछ दोनों बेटियों के नाम से हैं जेडीयू ने जो डॉक्यूमेंट्स जुटाए हैं, उसके अनुसार 2013 से अब तक नालंदा जिले के केवल दो प्रखंड अस्थावां और इस्लामपुर में करीब 40 बीघा जमीन खरीदी गई है इसके अतिरिक्त कई और जिलों में भी संपत्ति बनाई गई है आरसीपी सिंह की पत्नी (गिरजा सिंह) और दोनों बेटियों यानी लिपि सिंह एवं लता सिंह के नाम पर ज्यादातर जमीन है सबसे बड़ी बात है कि 2016 के चुनावी हलफनामे में आरसीपी सिंह ने इन संपत्तियों के बारे में कोई भी जिक्र नहीं किया है

जदयू की रिपोर्ट के अनुसार नालंदा जिले के इस्लामपुर (हिलसा) अंचल के सैफाबाद मौजा में 12 और केवाली अंचल में 12 प्लॉट खरीदे गए हैं 2013 से 2016 के बीच में इसकी खरीदारी की गई है ये प्लॉट आरसीपी सिंह की बेटी लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर है वहीं 28 अप्रैल 2014 को चरकावां (नीमचक बथानी, गया) के नरेश प्रसाद सिंह ने बेलधर बिगहा (छबीलापुर, नालंदा) के धर्मेंद्र कुमार को दान में जमीन दी बाद में धर्मेंद्र कुमार ने यही जमीन लिपि सिंह और लता सिंह के नाम बेच दी है जेडीयू के दस्तावेजों के मुताबिक 4 सितंबर 2014 और 15 सितंबर 2014 को सिलाव के बिशेश्वर साव ने दो प्लॉट खरीदे इसे 18 सितंबर को लिपि सिंह और लता सिंह के नाम बेच दिया गया ऐसे 2 और मुद्दे हैं, जिसमें 6 दिन और 8 महीने में दूसरे से खरीदी गई जमीन को खरीदने वाले ने लता सिंह और लिपि सिंह को जमीन बेच दी गई जदयू के 35 पन्नों में जमीन की खरीद और इससे जुड़े दूसरे विवरण भी है

नालंदा जिले के इस्लामपुर (हिलसा) के अलावे अस्थावां (नालंदा) के शेरपुर मालती मौजा में भी आरसीपी सिंह ने 33 प्लॉट खरीदे हैं इसमें चार प्लॉट 2011-2013 में लता सिंह और लिपि सिंह के नाम पर लिया है पिता के रूप में आरसीपी सिंह का नाम है बाकी 12 प्लॉट गिरजा सिंह और 18 प्लॉट लता सिंह के नाम पर खरीदे गए हैं वहीं महमदपुर में 2015 में एक प्लॉट गिरजा सिंह के नाम पर खरीदा गया 2011 में 2, 2013 में 2, 2014 में 5, 2015 में 6, 2017 में 1, 2018 में 3, 2019 में 4, 2020 में 3, 2021 में 6 तथा 2022 में 2 प्लॉट खरीदे गए हैं यह भी बात सामने आई है कि आरसीपी सिंह ने पत्नी के नाम के साथ भी हेरफर किया है चुनावी हलफनामा 2010 एवं 2016 में आरसीपी सिंह ने अपनी पत्नी का नाम गिरिजा सिंह दर्ज किया है वहीं जमीन खरीदी गए केवाला में गिरजा सिंह लिखा गया है

बता दें कि बिहार जेडीयू के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजकर अकूत संपत्तियों और अनियमितताओं पर उत्तर मांगा है उमेश कुशवाहा के द्वारा भेजे गए पत्र सह नोटिस में पूछा गया है कि नालंदा जिला के दो साथियों का साक्ष्य के साथ परिवाद प्राप्त हुआ है जिसमें यह उल्लेख है कि अब तक मौजूद जानकारी के मुताबिक आपके एवं आपके परिवार के नाम से साल 2013 से 2022 तक अकूत अचल संपत्ति निबंधित की गई है इसमें कई तरह की अनियमितताएं नजर आ रही हैं जदयू ने आरसीपी सिंह से पूछा कि आप इस बात से अवगत हैं कि नीतीश कुमार करप्शन के जीरो टॉलरेंस पर काम करते हैं और इतने लंबे सार्वजनिक जीवन के बावजूद नेता पर कभी कोई दाग नहीं लगा और ना उन्होंने कोई संपत्ति बनाई इसलिए निर्देशानुसार पार्टी आपसे अपेक्षा करती है कि परिवाद के बिंदुओं पर बिंदुवार अपनी राय से पार्टी को तुरन्त अवगत कराएं